वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के जेवर को देश के इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर विनिर्माण का सबसे बड़ा केंद्र बनाने की दिशा में शनिवार को बड़ा कदम उठाया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गौतमबुद्ध नगर के यमुना सिटी में लगभग 6,750 करोड़ रुपये की दो प्रमुख इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण परियोजनाओं का शिलान्यास किया। इस दौरान केंद्रीय मंत्री ने कहा कि लगभग 40 हजार करोड़ रुपये मूल्य के जिन प्रिंटेड सर्किट बोर्ड (पीसीबी) का अब तक आयात किया जाता था, उनका निर्माण अब देश में ही होगा और इसकी शुरुआत जेवर से होगी।
अश्विनी वैष्णव ने कहा कि प्रिंटेड सर्किट बोर्ड आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग की रीढ़ है। मल्टी-लेयर तकनीक से बनने वाले इन अत्याधुनिक पीसीबी का स्वदेशी उत्पादन भारत को इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित होगा। उन्होंने कहा कि सेमीकंडक्टर उद्योग के बाद अब जेवर इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण का भी प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा, जिससे बड़े पैमाने पर निवेश और रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की स्वीकृति प्राप्त दिल्ली-लखनऊ-वाराणसी-पटना-सिलीगुड़ी बुलेट ट्रेन कॉरिडोर का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके शुरू होने पर दिल्ली से लखनऊ की यात्रा केवल दो घंटे दस मिनट तथा जेवर से लखनऊ की दूरी महज एक घंटा 40 मिनट में तय की जा सकेगी। इससे औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) के सेक्टर-10 स्थित 206 एकड़ क्षेत्र में विकसित हो रहे इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर की पहली औद्योगिक इकाई की आधारशिला भी रखी। लगभग 417 करोड़ रुपये की लागत से विकसित हो रहे इस क्लस्टर में केंद्र सरकार 144 करोड़ रुपये का सहयोग दे रही है। यह परियोजना उत्तर प्रदेश को देश के अग्रणी इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में अहम मानी जा रही है।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि भारत सेमीकंडक्टर मिशन के तहत जून 2026 तक करीब 1.64 लाख करोड़ रुपये के निवेश वाली 12 सेमीकंडक्टर परियोजनाओं को मंजूरी दी जा चुकी है। इसके साथ ही डिजाइन लिंक्ड इंसेंटिव योजना के माध्यम से चिप डिजाइन, अत्याधुनिक तकनीक और स्वदेशी आपूर्ति श्रृंखला को भी मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि भारत सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 के जरिए देश वैश्विक स्तर पर विश्वसनीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सेमीकंडक्टर हब के रूप में अपनी मजबूत पहचान बनाएगा।