– जब सैनिक सीमा की रक्षा करते हैं, तब 140 करोड़ भारतवासी चैन से सोते हैः मुख्यमंत्री
वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि किसी भी राष्ट्र की प्रगति और विकास का आधार उसकी सुरक्षा होती है। जब देश सुरक्षा के मोर्चे पर मजबूत होता है तो दुनिया भी उसके साथ मैत्रीपूर्ण संबंध स्थापित करती है। कमजोर के आगे कोई नहीं झुकता। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति और ऋषि परंपरा हमें अहिंसा का संदेश देती है, लेकिन जब राष्ट्र और समाज की सुरक्षा पर संकट आए तो उसका सामना पूरी शक्ति से करना भी हमारा धर्म है।
मुख्यमंत्री शनिवार को राजधानी में लगभग 19 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित नौसेना शौर्य वाटिका के लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उनके साथ वाटिका का उद्घाटन किया। कार्यक्रम में नौसेना बैंड की आकर्षक प्रस्तुति ने सभी का मन मोह लिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बड़ी उपलब्धियां हासिल करने के लिए सोच भी बड़ी होनी चाहिए। भारतीय नौसेना का आदर्श वाक्य “नभः स्पृशं दीप्तम्” इसी विराट सोच का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि इस वाटिका के माध्यम से युवाओं को भारतीय नौसेना के इतिहास, शौर्य और समर्पण को जानने का अवसर मिलेगा। साथ ही यह भी समझने का मौका मिलेगा कि सैनिक किस प्रकार विषम परिस्थितियों में देश की रक्षा करते हैं। उन्होंने कहा कि जब भारतीय सैनिक बर्फीली चोटियों, रेगिस्तान की तपती गर्मी और समुद्र की ऊंची लहरों के बीच सीमाओं की सुरक्षा करते हैं, तभी 140 करोड़ देशवासी चैन की नींद सो पाते हैं। इसलिए हर नागरिक का दायित्व है कि वह सेना और वर्दीधारी बलों के प्रति सम्मान का भाव रखे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में आज सुरक्षा और कानून व्यवस्था का बेहतर माहौल बनने से विकास और निवेश को नई गति मिली है। उन्होंने सुझाव दिया कि सेना के निष्प्रयोज्य टैंकों को प्रदेश के प्रमुख चौराहों पर स्थापित किया जाए, ताकि युवाओं में राष्ट्रभक्ति और सेना के प्रति सम्मान की भावना विकसित हो।
उन्होंने नौसेना अध्यक्ष एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी और उनकी टीम का आभार जताते हुए कहा कि गोमती नदी तट पर स्थापित यह शौर्य वाटिका प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणा का केंद्र बनेगी और राष्ट्रसेवा का संदेश देगी।