वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
वाराणसी। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास की ओर से रविवार को श्रद्धेय माता अहिल्याबाई होल्कर का पुण्य स्मरण करते हुए श्री काशी विश्वनाथ धाम में विशेष अर्चन, पूजन एवं आरती का आयोजन किया गया। इस अवसर पर धाम परिसर स्थित माता अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उनके सनातन धर्म एवं भारतीय सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में दिए गए अतुलनीय योगदान को श्रद्धापूर्वक याद किया गया।
कार्यक्रम में श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के अधिकारियों, कर्मचारियों तथा बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं ने भाग लिया। सभी ने माता अहिल्याबाई होल्कर के व्यक्तित्व एवं कृतित्व को नमन करते हुए उनके द्वारा किए गए ऐतिहासिक कार्यों को स्मरण किया। श्रद्धासुमन अर्पित करने के साथ ही उनके आदर्शों को समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताया गया।
न्यास की ओर से कहा गया कि सनातन लोकचेतना को जीवंत और सशक्त बनाए रखने में माता अहिल्याबाई होल्कर का योगदान अप्रतिम रहा है। भारतीय संस्कृति, धर्म और तीर्थ स्थलों के संरक्षण के लिए उनके द्वारा किए गए कार्य आज भी समाज को प्रेरित करते हैं। विशेष रूप से श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के इतिहास में उनका योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। बताया गया कि अनेक बार आक्रमणों और विध्वंस का सामना करने वाले श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के पुनरोद्धार और वर्तमान स्वरूप की स्थापना में माता अहिल्याबाई होल्कर की निर्णायक भूमिका रही। उनके प्रयासों के कारण ही काशी की आध्यात्मिक पहचान को नई ऊर्जा और स्थायित्व प्राप्त हुआ।
श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास ने कहा कि वह सनातन परंपरा के महापुरुषों और महान मातृशक्तियों के जीवन एवं कार्यों को संरक्षित, प्रचारित और जन-जन तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। न्यास का उद्देश्य सनातन चेतना के प्रेरणास्रोतों को समाज में जीवंत बनाए रखना और भावी पीढ़ियों को उनके आदर्शों से जोड़ना है। इसी संकल्प के साथ न्यास निरंतर अपने दायित्वों के निर्वहन में सक्रिय और सजग है।