वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा है कि विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025 (जी-रामजी) ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर, सशक्त और समृद्ध बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। यह अधिनियम ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाने, आजीविका को सुदृढ़ करने तथा हर ग्रामीण परिवार को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने में अहम भूमिका निभाएगा।
उन्होंने कहा कि इस अभिनव पहल के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। स्वरोजगार, कौशल विकास और आय सुरक्षा को नई मजबूती मिलेगी, जिससे गांवों की अर्थव्यवस्था और अधिक सशक्त होगी। उन्होंने कहा कि यह अधिनियम केवल रोजगार उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि विकसित भारत के संकल्प को गांव-गांव तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम भी बनेगा।
उप मुख्यमंत्री ने बताया कि अधिनियम के तहत रोजगार गारंटी के कार्य दिवसों की सीमा बढ़ाकर 125 दिन कर दी गई है। इससे ग्रामीण श्रमिक परिवारों को अधिक रोजगार, बेहतर आय और आर्थिक सुरक्षा प्राप्त होगी। उन्होंने कहा कि यह निर्णय ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।
केशव मौर्य ने कहा कि प्रदेश सरकार ग्रामीण विकास और जनकल्याण के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। जी-रामजी अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन से रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलेगा, आय सुरक्षा मजबूत होगी और विकास की प्रक्रिया में प्रत्येक ग्रामीण परिवार की भागीदारी सुनिश्चित होगी। उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे आत्मनिर्भर गांव, सशक्त परिवार और समृद्ध भारत के निर्माण के इस अभियान में सक्रिय सहभागिता करें। उन्होंने विश्वास जताया कि यह अधिनियम ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा देते हुए विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने में मील का पत्थर सिद्ध होगा।