वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
नई दिल्ली। भविष्य की चुनौतियों से निपटने और वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में संसदीय संस्थाओं की भूमिका पर व्यापक विमर्श के लिए चंडीगढ़ में राष्ट्रमंडल संसदीय संघ (सीपीए) भारत क्षेत्र जोन-II का द्वितीय सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। इस दो दिवसीय सम्मेलन का उद्घाटन 8 जून, 2026 को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला हरियाणा विधानसभा परिसर में करेंगे।
सम्मेलन का मुख्य विषय “भविष्य की चुनौतियों से निपटने और विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को साकार करने में जागरूक समाज और विधि-निर्माताओं की भूमिका” रखा गया है। इस अवसर पर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश, हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविंदर कल्याण तथा संसदीय कार्य मंत्री महिपाल ढांडा सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति प्रतिनिधियों को संबोधित करेंगे।सम्मेलन में विभिन्न राज्यों के पीठासीन अधिकारी, सांसद, विधायक, विधान परिषद और विधानसभा के सदस्य, केंद्रीय मंत्री तथा संसदीय मामलों से जुड़े वरिष्ठ प्रतिनिधि भाग लेंगे। इसके अतिरिक्त राजस्थान, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, सिक्किम, गोवा, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों के विधानमंडलों के पीठासीन अधिकारियों को भी आमंत्रित किया गया है।
सम्मेलन के दौरान प्रतिनिधि लोकतांत्रिक संस्थाओं को और अधिक प्रभावी बनाने, जनभागीदारी बढ़ाने, सुशासन को मजबूत करने तथा बदलती वैश्विक परिस्थितियों में विधायिकाओं की भूमिका जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श करेंगे। प्रतिभागी अपने अनुभव साझा करेंगे और विकसित भारत के निर्माण में विधायिकाओं के योगदान को लेकर रणनीतियों पर चर्चा करेंगे।
सम्मेलन का समापन 9 जून को हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष के संबोधन के साथ होगा। समापन सत्र में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, उपसभापति हरिवंश, विधानसभा अध्यक्ष हरविंदर कल्याण सहित अन्य विशिष्ट अतिथि भी उपस्थित रहेंगे। सीपीए भारत क्षेत्र के वर्ष 2024 में नौ जोनों में पुनर्गठन के बाद जोन-II का यह दूसरा वार्षिक सम्मेलन है। आयोजकों के अनुसार यह मंच संसदीय सहयोग को सुदृढ़ करने, श्रेष्ठ संसदीय परंपराओं के आदान-प्रदान को बढ़ावा देने और राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर सार्थक संवाद स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।