वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
सहारनपुर। ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की खबर सुनने के बाद शिया समुदाय में गहरा शोक और नाराजगी देखने को मिली। शहर के छोटे इमामबाड़े और शिया मस्जिद क्षेत्र से सैकड़ों की संख्या में लोगों ने मातमी जुलूस निकाला और अमेरिका तथा इजराइल के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। जुलूस शिया मस्जिद से शुरू होकर चौकी सराय, कोतवाली नगर की ओर बढ़ने लगा, जहां पुलिस ने सुरक्षा कारणों से उसे आधे रास्ते से ही वापस कर दिया और यात्रा को शांतिपूर्वक भंग करा दिया।
प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल रहीं, जो रो–रोकर अपने धार्मिक रहबर के लिए दुख जताती नजर आईं। कई महिला–पुरुष शोक सभा में काले झंडे लहराते हुए अमेरिका और इजराइल के खिलाफ नारे लगाए और इस हमले को “निर्मम व धोखा भरा” बताया। शिया समुदाय के प्रबंधक दानिश अबदी ने बताया कि खामेनेई को धार्मिक रूप से शहीद माना जा रहा है और यह प्रदर्शन सिर्फ शोक तथा संवेदना व्यक्त करने के लिए किया गया है, किसी तरह की हिंसा या दंगा फैलाने की नहीं।
पुलिस प्रशासन ने पूरे क्षेत्र में अतिरिक्त बल तैनात कर दिया और आसपास के संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ा दी। जुलूस के मार्ग में रहने वाले लोगों को शांति बनाए रखने की अपील की गई और प्रदर्शनकारियों से अनुशासन बनाए रखने को कहा गया। उधर शिया समुदाय के लोगों ने कहा कि ईरान को वे एक शक्तिशाली मुल्क और अपने धार्मिक आधार के रूप में देखते हैं और खामेनेई की मौत को पूरे घर–परिवार के लिए दुख जैसा बताया। इस पूरे दौरान पुलिस प्रशासन ने घटना को शांतिपूर्ण तरीके से संभाला और शहर में किसी भी तरह की अप्रिय घटना या टकराव से बचा लिया गया।