वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन लिमिटेड में तकनीशियन कर्मचारियों को लेकर विभागीय वर्चुअल बैठक के दौरान आपत्तिजनक टिप्पणी किए जाने का मामला सामने आया है। संगठन ने बैठक में ‘दलाल’ शब्द का प्रयोग किए जाने पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराते हुए प्रबंधन से सार्वजनिक रूप से खेद प्रकट करने की मांग की है।
संगठन के नेता वी.के.सिंह का कहना है कि तकनीशियन कर्मचारियों की भर्ती मूल रूप से तकनीकी कार्यों के लिए की जाती है, लेकिन पिछले कई वर्षों से उच्च प्रबंधन द्वारा उनसे प्रभारी जेई, फीडर मैनेजर, लिपिकीय कार्य, बिलिंग, राजस्व वसूली, कैश कलेक्शन समेत कई गैर-तकनीकी दायित्व भी लिए जा रहे हैं। इस मुद्दे को लेकर संघ पूर्व में भी कई बार विरोध दर्ज करा चुका है और मांग करता रहा है कि तकनीकी कर्मचारियों से केवल तकनीकी कार्य ही लिए जाएं।
संघ के अनुसार प्रदेश भर में तकनीशियन कर्मचारी विषम परिस्थितियों में जोखिम उठाकर दिन-रात कार्य करते हुए निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करते हैं। ऐसे कर्मठ कर्मचारियों को 27 फरवरी 2026 को आयोजित विभागीय वर्चुअल बैठक में कथित रूप से ‘दलाल’ कहकर संबोधित किया जाना उनकी गरिमा और आत्मसम्मान पर आघात है। इस घटना से प्रदेश भर के हजारों तकनीकी कर्मचारियों में रोष व्याप्त है।
संगठन ने ऊर्जा प्रबंधन से मांग की है कि वह इस मामले में स्पष्ट रूप से खेद प्रकट करे, जिससे कर्मचारियों का मान-सम्मान पुनर्स्थापित हो सके। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही संतोषजनक कार्रवाई नहीं की गई तो चरणबद्ध विधिक एवं लोकतांत्रिक आंदोलन शुरू किया जाएगा। ऐसी स्थिति में उत्पन्न होने वाली औद्योगिक अशांति की पूरी जिम्मेदारी ऊर्जा प्रबंधन की होगी।