– शिक्षकों के हितों और पारदर्शिता के लिए प्रतिबद्ध है सरकार : उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय
वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार शासन और प्रशासन में पारदर्शिता तथा तकनीक आधारित व्यवस्था को बढ़ावा देने की दिशा में लगातार कदम उठा रही है। इसी क्रम में उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत राजकीय महाविद्यालयों में कार्यरत प्राध्यापकों के स्थानांतरण की प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन और पारदर्शी बनाते हुए शुक्रवार को 91 शिक्षकों के तबादले किए गए।
उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय की उपस्थिति में लखनऊ स्थित आवास पर ऑनलाइन स्थानांतरण प्रक्रिया को संपन्न कराया गया। इस दौरान सहायक प्रोफेसर, सह-प्रोफेसर और प्रोफेसर संवर्ग के कुल 91 प्राध्यापकों के स्थानांतरण आदेश जारी किए गए। शासन की ओर से इस पूरी प्रक्रिया को डिजिटल माध्यम से संचालित किया गया, जिससे मानवीय हस्तक्षेप की संभावना समाप्त हो गई।
उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षकों के हितों की रक्षा के साथ प्रशासनिक प्रक्रियाओं में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन व्यवस्था के माध्यम से योग्य शिक्षकों को निर्धारित नियमों और मेरिट के आधार पर निष्पक्ष अवसर मिला है। इससे स्थानांतरण प्रक्रिया अधिक विश्वसनीय और समयबद्ध बनी है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार स्थानांतरण के लिए प्राप्त सभी आवेदनों का तय मानकों के अनुसार परीक्षण किया गया। पात्र आवेदनों को डिजिटल पोर्टल के माध्यम से स्वीकृति दी गई। प्रक्रिया पूर्ण होते ही संबंधित शिक्षकों को एसएमएस के जरिए स्थानांतरण की सूचना भी उपलब्ध करा दी गई।
मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने इस व्यवस्था को सफलतापूर्वक लागू करने के लिए उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. बी.एल. शर्मा, एनआईसी और तकनीकी टीम की सराहना की। उन्होंने कहा कि तकनीक के प्रभावी उपयोग से शासन की सेवाएं अधिक सुगम, पारदर्शी और जवाबदेह बन रही हैं।