वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
वाराणसी। कथित करोड़ों रुपये की निवेश धोखाधड़ी से जुड़े मामले में वाराणसी पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक निवेश कार्यक्रम को समय रहते रुकवा दिया। नागरी नाटक मंडली में रविवार को आयोजित मेडलियन ज्वेलर्स प्राइवेट लिमिटेड के कार्यक्रम में एसीपी साइबर क्राइम विदुष सक्सेना पुलिस टीम के साथ पहुंचीं और जांच के बाद कार्यक्रम तत्काल बंद करा दिया। पुलिस पूरे मामले में कंपनी की निवेश योजनाओं, वित्तीय लेनदेन और शिकायतों की गहन जांच कर रही है।
पुलिस के अनुसार कंपनी के खिलाफ पहले से आर्थिक धोखाधड़ी की शिकायत पुलिस आयुक्त कार्यालय में दर्ज कराई गई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि कंपनी ने गोल्ड, कैशबैक और नेटवर्क मार्केटिंग योजनाओं के नाम पर लोगों को निवेश के लिए प्रेरित किया। निवेशकों को निश्चित अवधि में राशि दोगुनी करने, सोना देने, कैशबैक और विदेश यात्रा जैसे आकर्षक ऑफर का लालच दिया गया, लेकिन बाद में न तो भुगतान किया गया और न ही वादे पूरे किए गए।
प्रदर्शन कर रहे लोगों का आरोप है कि वर्ष 2020 से कंपनी ने बड़ी संख्या में लोगों से करोड़ों रुपये का निवेश कराया। शुरुआती दौर में कुछ निवेशकों को भुगतान कर विश्वास बनाया गया, लेकिन बाद में भुगतान पूरी तरह बंद हो गया। अब निवेशकों को न उनकी जमा राशि वापस मिल रही है और न ही वादे के अनुसार सोना या अन्य लाभ दिए जा रहे हैं।
शिकायतकर्ता भगवान सिंह राठौर ने आरोप लगाया कि उन्होंने वर्ष 2023 में कंपनी की योजना से जुड़कर स्वयं निवेश किया और कई लोगों को भी जोड़ा। उनके अनुसार उनकी टीम का करीब 90 लाख रुपये और लगभग 300 ग्राम सोना कंपनी के पास बकाया है। शिकायत में जीएसटी बिल जारी नहीं करने और टीडीएस कटौती के बावजूद उसे जमा नहीं करने के भी आरोप लगाए गए हैं।
पुलिस के पहुंचने की सूचना मिलते ही कंपनी से जुड़े कई लोग मौके से गायब हो गए। एसीपी साइबर क्राइम ने मौजूद लोगों से पूछताछ की और संबंधित दस्तावेजों की जांच शुरू कराई। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शिकायत में लगाए गए आरोपों, कंपनी के रिकॉर्ड और वित्तीय लेनदेन की विस्तृत जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी निवेश योजना में धन लगाने से पहले उसकी वैधता की पूरी जांच अवश्य करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें।