– वर्षों फरार रहने के बाद लल्लन सिंह का आपराधिक सफर एसटीएफ की मुठभेड़ में समाप्त हो गया, लेकिन उसका नाम उत्तर प्रदेश और बिहार के चर्चित अपराधियों में लंबे समय तक याद किया जाएगा।
वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
वाराणसी। उत्तर प्रदेश और बिहार पुलिस के लिए लंबे समय से चुनौती बने कुख्यात अपराधी लल्लन सिंह उर्फ लल्लन का अंत आखिरकार यूपी एसटीएफ के हाथों हो गया। वाराणसी से एक लाख रुपये और चंदौली से 25 हजार रुपये के इनामी इस अपराधी को सहारनपुर में हुई मुठभेड़ में मार गिराया गया। हत्या, लूट, बैंक डकैती और पुलिसकर्मियों पर हमले जैसे कई संगीन मामलों में वांछित लल्लन सिंह वर्षों से फरार चल रहा था।
लल्लन सिंह का नाम वर्ष 2022 में उस समय सुर्खियों में आया था, जब उसने अपने भाइयों मनीष सिंह और रजनीश सिंह के साथ मिलकर वाराणसी के रोहनिया क्षेत्र में तैनात सब-इंस्पेक्टर अजय यादव को गोली मार दी थी। बदमाशों ने घायल दरोगा की सरकारी पिस्टल और पर्स लूट लिया था। इस घटना ने पुलिस महकमे को झकझोर कर रख दिया था और तभी से उसकी गिरफ्तारी पुलिस की प्राथमिकता बन गई थी। इससे पहले बिहार में भी उसका आतंक कायम था। वर्ष 2017 में पटना के बेलछी थाना क्षेत्र में पंजाब नेशनल बैंक के सामने हुई बड़ी डकैती में उस पर दो सुरक्षा गार्डों और एक कैश वैन चालक की हत्या कर करीब 60 लाख रुपये लूटने का आरोप था। इसी तरह नालंदा जिले में कैश वैन लूट के दौरान दो लोगों की हत्या के मामले में भी उसका नाम सामने आया था।
वर्ष 2016 में पटना के फतुहा थाना क्षेत्र में ड्यूटी पर तैनात सब-इंस्पेक्टर आर.आर. चौधरी की हत्या और उनकी सरकारी पिस्टल लूटने के मामले में भी वह आरोपी था। उसके खिलाफ उत्तर प्रदेश और बिहार के विभिन्न थानों में हत्या, लूट, चोरी और पुलिस मुठभेड़ से जुड़े कई मुकदमे दर्ज थे।
दरोगा अजय यादव पर हमले के बाद वर्ष 2022 में वाराणसी के बड़ागांव क्षेत्र में पुलिस मुठभेड़ के दौरान उसके दोनों भाई मारे गए थे, लेकिन लल्लन सिंह भागने में सफल रहा था। वर्षों तक कानून से बचता रहा यह अपराधी आखिरकार एसटीएफ की कार्रवाई में ढेर हो गया, जिससे पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है।