वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। नगर निगम ने शहर में अवैध डेयरियों और सार्वजनिक मार्गों पर पशु बांधकर किए जा रहे अतिक्रमण के खिलाफ शुक्रवार को बड़ा अभियान चलाया। जोन-4 के निशातगंज, वास्तु खंड, ग्वारी और तखवा गांव में हुई कार्रवाई के दौरान भारी विरोध और हंगामे के बावजूद नगर निगम की टीम ने 34 पशुओं को जब्त कर आलमबाग कांजी हाउस भेज दिया। अभियान का नेतृत्व पशु कल्याण अधिकारी डॉ. अभिनव वर्मा के निर्देशन में नगर निगम के प्रवर्तन दल और कैटिल कैचिंग दस्ते ने संयुक्त रूप से किया।
अभियान के दौरान निशातगंज की छठी लेन में नगर निगम की टीम को देखते ही डेरी संचालकों ने पशुओं को एक परिसर में बंद कर बाहर से ताला लगा दिया। टीम ने पहले ताला खुलवाने का प्रयास किया, लेकिन सहयोग न मिलने पर नियमानुसार ताला तोड़कर अंदर बंद पशुओं को बाहर निकाला और उन्हें जब्त कर लिया। इस दौरान स्थानीय लोगों ने विरोध और हंगामा भी किया, फिर भी नगर निगम की टीम ने कार्रवाई जारी रखी। तखवा गांव में सार्वजनिक सड़कों और मार्गों पर पशु बांधकर अतिक्रमण किए जाने की शिकायत सही पाई गई। टीम ने मौके पर अवैध रूप से संचालित डेरी गतिविधियों पर कार्रवाई करते हुए पशुओं को जब्त किया और सड़क को अतिक्रमण से मुक्त कराया। अधिकारियों के अनुसार सार्वजनिक मार्गों पर पशु बांधने से आवागमन प्रभावित हो रहा था और स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। नगर निगम ने अभियान के दौरान 24 गाय, सात भैंस, दो बछिया और एक बछड़ा समेत कुल 34 पशुओं को जब्त किया। सभी पशुओं को आलमबाग कांजी हाउस में निरुद्ध कराया गया है।
पशु कल्याण अधिकारी डॉ. अभिनव वर्मा ने कहा कि नगर निगम की कार्रवाई का उद्देश्य नियमों के अनुसार पशुपालन करने वालों को परेशान करना नहीं है। कार्रवाई केवल अवैध डेरी संचालन, सार्वजनिक स्थानों पर पशु बांधकर अतिक्रमण करने और नियमों का उल्लंघन कर व्यावसायिक रूप से पशुपालन करने वालों के विरुद्ध की जा रही है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी ऐसे अभियान लगातार जारी रहेंगे।