वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
नई दिल्ली। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में मंगलवार को नई दिल्ली में किशाऊ परियोजना को लेकर महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। समझौते पर उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली और हरियाणा के मुख्यमंत्रियों ने हस्ताक्षर किए। छह राज्यों के बीच हुए इस समझौते को जल संसाधनों के बेहतर प्रबंधन और राज्यों के बीच समन्वय की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
किशाऊ परियोजना हिमालयी क्षेत्र की महत्वपूर्ण बहुउद्देश्यीय परियोजनाओं में शामिल है। परियोजना से जल संरक्षण, सिंचाई, पेयजल उपलब्धता और ऊर्जा उत्पादन जैसे क्षेत्रों में लाभ मिलने की उम्मीद है। छह राज्यों की भागीदारी वाली इस परियोजना से जल संसाधनों के समन्वित उपयोग का रास्ता मजबूत होगा। इससे विभिन्न राज्यों की लंबे समय से चली आ रही जल संबंधी जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलने की संभावना है। समझौते के दौरान केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में राज्यों के बीच सहयोग और समन्वय को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया। परियोजना के क्रियान्वयन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर राज्यों के बीच सहमति को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
किशाऊ परियोजना के माध्यम से जल के संग्रहण और उसके उपयोग को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में काम किया जाएगा। इससे सिंचाई और पेयजल की जरूरतों को पूरा करने के साथ बिजली उत्पादन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। परियोजना से जुड़े राज्यों में जल उपलब्धता और कृषि गतिविधियों को मजबूती मिलने का भी अनुमान है।
छह राज्यों के मुख्यमंत्रियों का एक मंच पर आकर समझौते पर हस्ताक्षर करना अंतरराज्यीय सहयोग की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। केंद्र सरकार की मौजूदगी में हुए इस समझौते से परियोजना के आगे बढ़ने का रास्ता साफ होने की उम्मीद है। सरकार का जोर जल संसाधनों के वैज्ञानिक और समन्वित उपयोग के साथ राज्यों की विकास संबंधी जरूरतों को पूरा करने पर है।