वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
हरदोई। गंगा, रामगंगा और गर्रा नदी के उफान से हरदोई के कटरी और कटियारी क्षेत्र में हालात बिगड़ गए हैं। 15 हजार से अधिक आबादी बाढ़ की चपेट में है, जबकि करीब 70 गांवों तक पानी पहुंच गया है। खेत जलमग्न होने से फसलों को नुकसान हुआ है और कई संपर्क मार्ग कटने से ग्रामीणों का आवागमन प्रभावित है। सुरक्षा के मद्देनजर बिलग्राम क्षेत्र के 26 गांवों की बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई है।
बिलग्राम में बाढ़ का पानी कई गांवों की आबादी तक पहुंच गया है। कटरी परसोला के 11 मजरे समेत कटरी छिबरामऊ, जरसेना मऊ, बिलुही, महादेवा, जरेला, पुन्ना पुरवा और मदारी पुरवा में झोपड़ीनुमा घरों में पानी घुस गया है। चुन्नी पुरवा के 107 लोगों ने राजघाट स्थित आश्रयस्थल में शरण ली है। प्रशासन की ओर से पका-पकाया भोजन और राहत सामग्री वितरित की जा रही है। शुक्रवार शाम से करीब छह हजार राहत पैकेट बांटे जा चुके हैं।
हरपालपुर क्षेत्र में चौधरियापुर-कोला समेत कई संपर्क मार्ग पानी के तेज बहाव में कट गए हैं। इससे ऊंचागांव, दुर्जना, श्यामपुर, अर्जुनपुर, बड़ागांव और शाहिद समेत करीब एक दर्जन गांवों के लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। ग्रामीणों को हरपालपुर, सवायजपुर और फर्रुखाबाद जाने के लिए करीब 20 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ सकती है।
अलीगंज ननखेरिया में रामगंगा के टापू पर फंसे गोवंश को निकालने का रेस्क्यू अभियान जारी है। शनिवार को आठ गोवंश सुरक्षित निकाले गए, जबकि शुक्रवार को 22 गोवंशों का रेस्क्यू हुआ था। मोटरबोट उपलब्ध नहीं होने से अभियान प्रभावित हो रहा है। पशु चिकित्सकों ने पशुओं को दवाएं भी दी हैं।
शनिवार को राजघाट पर गंगा का जलस्तर खतरे के निशान 125.81 मीटर के मुकाबले 126.10 मीटर दर्ज हुआ। सांडी में गर्रा नदी 130.33 मीटर पर बह रही है, जो खतरे के निशान से करीब 70 सेंटीमीटर ऊपर है। हालांकि बैराजों से गर्रा में छोड़े जा रहे पानी की मात्रा कम हुई है। ऐसे में अगले दो दिनों में स्थिति में कुछ सुधार की उम्मीद है। फिलहाल प्रशासन राहत और बचाव कार्य में जुटा है।