वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। मुख्य सचिव एसपी गोयल की अध्यक्षता में गुरुवार को प्रोजेक्ट मॉनीटरिंग ग्रुप की बैठक हुई। इसमें प्रदेश की प्रमुख अवस्थापना परियोजनाओं और रोजगार योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। कानपुर, आगरा और लखनऊ मेट्रो के साथ गौतमबुद्ध नगर में चिल्ला रेगुलेटर से महामाया फ्लाईओवर तक प्रस्तावित एलीवेटेड रोड और प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना की स्थिति पर चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने परियोजनाओं को निर्धारित समय में पूरा करने के लिए कार्य में तेजी और गुणवत्ता मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने विभागों और कार्यदायी संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय बनाकर लंबित कार्यों का जल्द निस्तारण करने तथा सभी परियोजनाओं की नियमित निगरानी के निर्देश दिए। गौतमबुद्ध नगर की एलीवेटेड रोड परियोजना की भौतिक प्रगति 65.50 और वित्तीय प्रगति 54.96 प्रतिशत बताई गई। पहला माइलस्टोन दिसंबर में हासिल किया जा चुका है। अधिकारियों ने दूसरा माइलस्टोन भी निर्धारित समय में पूरा करने का भरोसा दिलाया।
प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना की समीक्षा में बताया गया कि 76 प्रतिशत पात्र प्रतिष्ठानों ने पंजीकरण कराया है। मुख्य सचिव ने शेष प्रतिष्ठानों का पंजीकरण कराने के लिए प्रभावी समन्वय और व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए।
लखनऊ मेट्रो के कॉरिडोर-1बी में डिटेल्ड डिजाइन कंसल्टेंट, डिपो, एलिवेटेड सेक्शन और लिफ्ट के टेंडर अवार्ड हो चुके हैं। भूमिगत सेक्शन का तकनीकी मूल्यांकन जारी है।
कानपुर मेट्रो के कॉरिडोर-1 में झकरकट्टी-ट्रांसपोर्ट नगर के दो भूमिगत स्टेशनों की भौतिक प्रगति 99 प्रतिशत है। बारादेवी-नौबस्ता के पांच एलिवेटेड स्टेशन का काम पूरा बताया गया। कानपुर सेंट्रल को छोड़कर कानपुर सेंट्रल-नौबस्ता खंड को सीएमआरएस की स्वीकृति मिल चुकी है। कॉरिडोर-2 में रावतपुर-डबल पुलिया खंड की प्रगति 87.15 प्रतिशत और सीएसए-विजय नगर-बर्रा-8 खंड की 65 प्रतिशत है। आगरा मेट्रो के कॉरिडोर-1 के शेष भूमिगत हिस्से में संरचनात्मक कार्य पूरे हो चुके हैं। कॉरिडोर-2 में 14 एलिवेटेड स्टेशनों और वायाडक्ट का निर्माण तेजी से चल रहा है।