– प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस हादसे पर दुख जताया है. साथ ही, उन्होंने घायलों के जल्द स्वस्थ्य होने की कामना की है।
– नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस हादसे पर चिंता जताई है. उन्होंने NDRF, दिल्ली फायर सर्विस और सभी बचाव दल से घायलों को सुरक्षित बाहर निकालने की अपील की है. राहुल गांधी का कहना है कि कांग्रेस और NSUI कार्यकर्ता मौके पर मौजूद हैं और हर संभव मदद के लिए तैयार हैं।
वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
दिल्ली। दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार को एक बहुमंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि चार छात्र और दो मजदूर घायल हुए हैं। इमारत में पीजी संचालित होने के कारण मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका जताई गई। सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल, एनडीआरएफ और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत-बचाव अभियान शुरू किया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ ही पलों में पूरी इमारत मलबे में तब्दील हो गई। स्थानीय लोगों ने बताया कि इमारत के बेसमेंट में खुदाई और मरम्मत का काम चल रहा था। इसी दौरान एक पिलर खिसकने के बाद इमारत ढह गई। हालांकि, हादसे की वास्तविक वजह की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही होगी। पुलिस के अनुसार, इमारत करीब 40 से 50 वर्ष पुरानी थी। इसके मालिक का नाम आनंद बंसल बताया गया है। हादसा मोतीबाग के पास शिव मंदिर के निकट हुआ।
बचाव दल ने अब तक चार लोगों को मलबे से बाहर निकाला है। घायल हुए लोगों में छात्र और मजदूर शामिल हैं. घायलों में 4 छात्र और 2 मजदूर शामिल हैं। जबकि तीन लोगों की मौत हो गई है. घायलों में अभिषेक, नीरज और आदित्य समेत तीन छात्रों का एम्स ट्रॉमा सेंटर में इलाज चल रहा है और उनकी हालत स्थिर बताई गई है। एक अन्य छात्र का आरआर अस्पताल में उपचार चल रहा है। तीन मृतकों में एक की पहचान छात्र युवराज के रूप में हुई है, जबकि दो की पहचान नहीं हो सकी है।
एनडीआरएफ की टीमें मलबा हटाने के लिए हाइड्रोलिक जैक, डायमंड चेन सॉ, कॉम्बी कटर और प्लाज्मा कटर समेत आधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल कर रही हैं। दबे लोगों का पता लगाने के लिए लाइफ डिटेक्टर और खोजी कुत्तों की भी मदद ली जा रही है।
स्थानीय छात्रों के मुताबिक, क्षेत्र के पीजी में एक कमरे में कई छात्र रहते हैं। हादसे के बाद कांग्रेस और एनएसयूआइ कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंचे।
न्यूज़ एजेंसी के मुताबिक सत्य निकेतन के आस पास रहने वाले छात्रों ने बताया कि इस इलाके में PG में एक कमरे में कई छात्र रहते हैं। PG की एक मंजिल पर चार कमरे और लगभग 10 बेड हैं।