वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने Gen-Z युवाओं और बेरोजगारों के मुद्दों को लेकर चल रहे आंदोलनों पर चिंता जताई है। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक दल युवाओं, छात्रों और बेरोजगारों से जुड़े आंदोलनों को हाइजैक कर रहे हैं। मायावती ने बसपा कार्यकर्ताओं से ऐसे धरने और प्रदर्शनों से दूर रहने तथा आगामी चुनावों के लिए अपनी ऊर्जा बचाकर रखने की अपील की है।
मायावती ने रविवार को एक्स पर पोस्ट कर कहा कि देश में ऐसे कई उदाहरण सामने आए हैं, जिनसे यह धारणा बनी है कि युवाओं और बेरोजगारों के ज्वलंत मुद्दों से जुड़ा CJP का Gen-Z आंदोलन अब स्वतंत्र नहीं रह गया है और धीरे-धीरे राजनीतिक रूप ले रहा है। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर आंदोलन के दौरान युवाओं और छात्रों को बड़े सपने दिखाए गए थे, लेकिन अब विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा आंदोलनों को कथित तौर पर अपने कब्जे में लेने से उनके बीच गंभीर संदेह पैदा हुआ है।
बसपा प्रमुख ने कहा कि पार्टी Gen-Z और Gen-Alpha की जायज मांगों के प्रति हमेशा संवेदनशील रही है। उन्होंने पार्टी की राज्य इकाइयों को स्थानीय स्तर पर अधिकारियों से मिलकर युवाओं की समस्याओं के शांतिपूर्ण समाधान में सहयोग करने का निर्देश दिया। हालांकि, उन्होंने बसपा कार्यकर्ताओं को पार्टी अनुशासन के तहत धरने-प्रदर्शन से दूर रहने को कहा।
मायावती ने कहा कि बसपा चुनावों के लिए अपनी शारीरिक, मानसिक और आर्थिक ताकत बचाकर रखे। पार्टी का लक्ष्य सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय के सिद्धांत पर आधारित सरकार बनाना है। जंतर-मंतर पर नाबालिग के पिता से कथित मारपीट के मामले में भी मायावती ने सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि समय रहते पुलिस कार्रवाई होती तो घटना टाली जा सकती थी। उन्होंने आरोपितों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि जरूरत पड़ने पर बसपा ऐसे मामलों में आवाज उठाएगी।