वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
बस्ती। बस्ती के वाल्टरगंज थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर सूर्यप्रकाश सिंह की आत्महत्या के बाद सामने आए चौंकाने वाले खुलासों ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। पुलिस जांच में यह बात सामने आई कि मुंबई के ब्यूटी पार्लर और स्पा सेंटरों में काम कर चुकी प्रियंका चौधरी ने इंस्पेक्टर को प्रेमजाल में फंसाया और फिर अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया।
प्रियंका ने इंस्पेक्टर से एक करोड़ रुपए की भारी मांग की थी, जिसे पूरा न कर पाने की स्थिति में उन्होंने 28 अगस्त को सरकारी आवास में फांसी लगाकर जीवन की इतिश्री कर दी। पुलिस ने इस मामले में प्रियंका चौधरी, उसके पिता रामनयन चौधरी और एडवोकेट विजय प्रकाश को गिरफ्तार किया है। जांच में पता चला कि प्रियंका पहले भी कई लोगों को अपने जाल में फंसाकर पैसा वसूल चुकी है और इस गिरोह ने अब तक तीन अन्य लोगों से 24 लाख रुपए की वसूली की है।
बताते चलें की प्रियंका की कार्यशैली बेहद खतरनाक थी। वह अपने शिकार को प्रेम संबंध में फंसाती, फिर वीडियो कॉल पर अपने हाथ की नसें काटने का नाटक करके डराती और फिर मोटी रकम की मांग करती। इस पूरे खेल में उसके पिता और वकील विजय प्रकाश साथ देते थे जो ब्लैकमेलिंग की रकम वसूलने और बांटने का काम करते थे। पुलिस ने आरोपियों के पास से एक बोलेरो कार और तीन मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इंस्पेक्टर सूर्यप्रकाश सिंह मूल रूप से आजमगढ़ के भिलांपुर छपरा गांव के रहने वाले थे और अप्रैल 2026 में वाल्टरगंज थाने की कमान संभाली थी। मौत से पहले उन्होंने व्हाट्सएप पर एक स्टेटस लगाया था जिसमें लिखा था कि धन और संपत्ति जरूरी है लेकिन शांति और प्रेम से बढ़कर कुछ नहीं। इस घटना ने पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है और आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।
इंस्पेक्टर सूर्यप्रकाश सिंह का वाल्टरगंज थाने में कार्यकाल काफी संक्षिप्त रहा, लेकिन उनकी कार्यशैली और व्यवहार को लेकर सहकर्मियों में अच्छी छवि बनी थी। सूर्यप्रकाश सिंह ने 18 या 19 अप्रैल 2026 को वाल्टरगंज थानाध्यक्ष का कार्यभार संभाला था और 28 अगस्त 2026 को उनकी आत्महत्या हो गई, यानी उनका यह कार्यकाल लगभग चार महीने का रहा। यह उनके पुलिस करियर का पहला थाना प्रभारी पद था, हालांकि वे लंबे समय से पुलिस सेवा में थे।