वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
आगर-मालवा। शादी में लाखों रुपये खर्च कर दिखावे की होड़ लगाने के बजाय मध्य प्रदेश के आगर-मालवा की सलोनी जैन ने अपनी शादी को जीव-दया और पर्यावरण संरक्षण से जोड़कर अनूठी मिसाल पेश की है। उन्होंने शादी के कई खर्चों में कटौती कर उस धन का एक हिस्सा पक्षियों के लिए छह मंजिला आशियाना बनवाने में लगाया। मोती सागर तालाब के किनारे बना यह पक्षी टॉवर अब बेजुबान पक्षियों के लिए सुरक्षित ठिकाने के रूप में तैयार है।
छह मंजिला इस पक्षी टॉवर की हर मंजिल पर छोटे-बड़े पक्षियों के रहने के लिए अलग-अलग आकार के आशियाने बनाए गए हैं। छोटे पक्षियों के लिए गोलाकार छोटे दरवाजे बनाए गए हैं, जबकि बड़े पक्षियों के अनुकूल दरवाजों का आकार अलग रखा गया है। प्रत्येक मंजिल पर छत भी बनाई गई है, जिससे पक्षियों को तेज धूप और बारिश से बचने के लिए सुरक्षित स्थान मिल सके। टॉवर के लिए मोती सागर तालाब का किनारा चुना गया है। तालाब के आसपास मौजूद पेड़ों से पक्षियों को प्राकृतिक वातावरण भी मिलेगा। पानी के नजदीक होने के कारण उनके लिए जल की उपलब्धता भी बनी रहेगी। इस तरह टॉवर को पक्षियों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
सलोनी जैन का कहना है कि शादी जैसे आयोजनों में बड़ी रकम खर्च कर एक समय का भोजन और सजावट की जाती है, जिसकी याद कुछ समय बाद धुंधली पड़ जाती है। यदि उसी धन का एक हिस्सा जीव-दया और समाजहित के कार्यों में लगाया जाए तो उससे मिलने वाली संतुष्टि कहीं अधिक होती है। उनका मानना है कि पारिवारिक आयोजनों को समाज और प्रकृति के हित से जोड़कर सकारात्मक बदलाव की शुरुआत की जा सकती है। सलोनी की इस पहल में उनके परिवार का भी सहयोग रहा। उनके पिता पारस जैन भी इस सोच से जुड़े हैं।
मोती सागर तालाब के किनारे खड़ा छह मंजिला पक्षी टॉवर अब केवल पक्षियों का आशियाना नहीं, बल्कि लोगों को जीव-दया और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने वाला उदाहरण भी बन गया है। सलोनी ने अपनी शादी को महंगे दिखावे के बजाय एक ऐसे काम से यादगार बनाया है, जिसका लाभ बेजुबान जीवों को लंबे समय तक मिलेगा।