वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
वाराणसी। सावन के अंतिम सोमवार की शाम से शुरू हुई जोरदार बारिश ने मंगलवार को नगर निगम की जलनिकासी व्यवस्था की पोल खोल दी। शहर के कई प्रमुख मार्ग, गलियां और मोहल्ले घंटों जलमग्न रहे। मकानों और दुकानों में पानी घुस गया। जलभराव के चलते यातायात व्यवस्था भी चरमरा गई और लोगों को एक से तीन घंटे तक जाम में फंसे रहना पड़ा। कई स्थानों पर पंप लगाकर पानी निकाला गया।
नगर निगम कार्यालय के आसपास भी जलभराव रहा। बगल में निर्माणाधीन सदन भवन परिसर से पंप लगाकर पानी निकालना पड़ा। नगर निगम की ओर से बारिश से पहले करीब छह करोड़ रुपये खर्च कर नाला-नालियों की सफाई कराई गई थी, लेकिन पहली ही तेज बारिश में व्यवस्थाएं बेअसर नजर आईं।
कचहरी परिसर में पानी भरने से दीवानी और फौजदारी न्यायालय के बीच संपर्क प्रभावित हुआ। वकीलों की चौकियों तक पानी पहुंच गया। दशाश्वमेध थाने के सामने जलभराव रहा। कोदई चौकी क्षेत्र में कीचड़ और कचरा फैल गया। यहां रुई-गद्दे की दुकानों में पानी घुसने से दुकानदार बाल्टियों से पानी निकालते दिखाई दिए। नई सड़क और बाटा सिगरा की भूमिगत पार्किंग में भी पानी भर गया। पिपलानी कटरा मार्ग, गिरजाघर रोपवे के नीचे, जद्दूमंडी और भारत माता मंदिर परिसर में जलभराव रहा।
भगवानपुर से ट्रामा सेंटर मार्ग और रविंद्रपुरी तक मुख्य मार्ग पर घंटों पानी जमा रहा। जलालीपुरा और आदमपुर थाने में पानी घुस गया। पीली कोठी, हनुमान फाटक और राजापुर फुलवरिया में भी घरों-दुकानों तक पानी पहुंचा। रोहनिया के नरउर सर्विस रोड पर जलभराव से आवागमन प्रभावित रहा।
दुर्गाकुंड स्थित सेनापति बनकटी हनुमान मंदिर के गर्भगृह में बारिश के पानी के साथ सीवर का पानी पहुंचने की भी बात सामने आई। सामनेघाट-लंका मार्ग पर एंबुलेंस तक जाम में फंसी रही। पानी के कारण बड़ी संख्या में दोपहिया वाहन बंद हो गए।
बारिश का असर रेलवे स्टेशनों पर भी दिखा। स्टेशन परिसरों में पानी भरने से यात्रियों को सर्कुलेटिंग एरिया से प्लेटफार्म तक पहुंचने में परेशानी हुई। बरेका परिसर के खेल मैदान और अंडरपास में घुटने तक पानी जमा रहा। जलभराव के कारण पर्यटक भी होटल से बाहर नहीं निकल सके और कई फुटपाथ व अन्य दुकानें पूरे दिन बंद रहीं।