वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। वन्देमातरम् गीत के 150 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर सोमवार को उत्तर प्रदेश विधानसभा में विशेष चर्चा आयोजित की गई। इस दौरान उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने स्वतंत्रता संग्राम में योगदान देने वाले महान क्रान्तिकारियों को नमन करते हुए कहा कि जिन वीरों ने देश की आजादी के लिए फांसी के फंदे को चूम लिया, उन्हें वह विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि वन्देमातरम् आजादी का महामंत्र है। यह संन्यासी विद्रोह की ज्वाला, भारत की शाश्वत चेतना और अंग्रेजी पराधीनता से मुक्ति का प्रतीक रहा है। उन्होंने कहा कि वन्देमातरम् अब विकसित भारत और विकसित उत्तर प्रदेश का भी मंत्र बनेगा। वन्देमातरम् का अर्थ है—भारत माता की जय, सबका साथ-सबका विकास और बिना भेदभाव समाज के हर वर्ग का उत्थान।
श्री मौर्य ने कहा कि देश के दुश्मनों के खिलाफ की गई सर्जिकल स्ट्राइक, एयर स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर राष्ट्र की सुरक्षा और संकल्प का प्रतीक हैं, यही वन्देमातरम् की भावना है। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में 15 करोड़ तथा देश में 80 करोड़ से अधिक लोगों को प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत बिना भेदभाव राशन उपलब्ध कराया जा रहा है, यह भी वन्देमातरम् की भावना को साकार करता है। उन्होंने विपक्ष से तुष्टिकरण की राजनीति छोड़ने का आह्वान किया। उन्होंने यह भी कहा कि वन्देमातरम् के 150 वर्ष के साथ ही भगवान बिरसा मुंडा और लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती भी मनाई जा रही है। बचपन की स्मृतियों को साझा करते हुए उन्होंने देशभक्ति गीत की पंक्तियाँ दोहराईं और कहा कि वन्देमातरम् की शक्ति से ही अंग्रेजों को भारत छोड़ना पड़ा।
उधर, विधान परिषद में एक प्रश्न के उत्तर में नेता सदन केशव प्रसाद मौर्य ने स्पष्ट किया कि यूपी बोर्ड को समाप्त करने से संबंधित कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।