वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की पुण्यतिथि और उनकी कालजयी कृति ‘रश्मिरथी’ के 75 वर्ष पूरे होने के अवसर पर राजधानी लखनऊ में 24 से 26 अप्रैल तक भव्य ‘रश्मिरथी पर्व’ का आयोजन किया जाएगा। इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के ज्यूपिटर हॉल में आयोजित इस तीन दिवसीय कार्यक्रम में साहित्य, संस्कृति और राष्ट्रचेतना का अनूठा संगम देखने को मिलेगा।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने लोकभवन में आयोजित प्रेसवार्ता में बताया कि यह आयोजन उत्तर प्रदेश संस्कृति एवं पर्यटन विभाग और ‘राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर न्यास, दिल्ली’ के संयुक्त तत्वावधान में हो रहा है। उन्होंने कहा कि इस पर्व में महान विभूतियों के जीवन और विचारों को मंच पर जीवंत किया जाएगा। ‘रश्मिरथी’ के साथ-साथ स्वामी विवेकानंद, बाल गंगाधर तिलक और अटल बिहारी वाजपेयी के जीवन, संवाद और काव्य पर आधारित नाट्य मंचन एवं नृत्य नाटिकाएं प्रस्तुत होंगी।
इस आयोजन में देश के ख्यातिप्राप्त कलाकार भाग लेंगे। मुंबई के रंगकर्मी मुजीब खान के निर्देशन में नाट्य प्रस्तुतियां होंगी, जबकि शिमला की कथक कलाकार पूनम शर्मा ‘अटल स्वरांजलि’ नामक संगीतमय नृत्य नाटिका प्रस्तुत करेंगी, जो अटल जी की कविताओं पर आधारित होगी। कार्यक्रम में लखनऊ के विद्यालयों और महाविद्यालयों के छात्रों को भी आमंत्रित किया गया है, ताकि वे देश की समृद्ध साहित्यिक विरासत से सीधे जुड़ सकें।
मंत्री ने कहा कि दिनकर जी की ओजस्वी रचनाओं ने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान जन-जन में जोश और स्वाभिमान का संचार किया। उनकी कृतियां आज भी राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा देती हैं। ‘रश्मिरथी पर्व’ नई पीढ़ी को उनके विचारों से जोड़ने का प्रभावी माध्यम बनेगा और समाज में राष्ट्रचेतना व सांस्कृतिक जागरूकता को नई ऊर्जा देगा।
अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात ने भी इस आयोजन को उपयोगी और प्रेरणादायक बताते हुए कहा कि भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन कर महान व्यक्तित्वों की विरासत को जन-जन तक पहुंचाया जाएगा। प्रेसवार्ता में अन्य जनप्रतिनिधि और संबंधित संस्थाओं के पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।