वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के सभी ब्लॉक प्रमुखों का पांच वर्षीय कार्यकाल शनिवार, 19 जुलाई को समाप्त हो गया। इसके बाद शासन ने ग्राम प्रधानों और जिला पंचायत अध्यक्षों की तर्ज पर मौजूदा ब्लॉक प्रमुखों को प्रशासक नियुक्त करने का आदेश जारी कर दिया है। नई क्षेत्र पंचायतों के गठन और ब्लॉक प्रमुखों के चुनाव तक वे प्रशासक के रूप में अपने दायित्वों का निर्वहन करेंगे।
प्रदेश की सभी क्षेत्र पंचायतों का निर्वाचित कार्यकाल भी शनिवार को समाप्त हो गया। ऐसे में प्रशासनिक व्यवस्था और विकास कार्यों की निरंतरता बनाए रखने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है। शासन के आदेश के अनुसार, नई व्यवस्था लागू होने तक वर्तमान ब्लॉक प्रमुख ही प्रशासक के रूप में कार्य करेंगे। इस फैसले से क्षेत्र पंचायतों में चल रहे विकास कार्यों, वित्तीय स्वीकृतियों और अन्य प्रशासनिक गतिविधियों पर किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा। शासन का मानना है कि प्रशासक की व्यवस्था से योजनाओं का क्रियान्वयन और आवश्यक प्रशासनिक कार्य बिना किसी व्यवधान के जारी रहेंगे।
गौरतलब है कि इससे पहले प्रदेश में ग्राम प्रधानों और जिला पंचायत अध्यक्षों का कार्यकाल समाप्त होने पर भी उन्हें नई निर्वाचन प्रक्रिया पूरी होने तक प्रशासक बनाया गया था। अब उसी व्यवस्था को क्षेत्र पंचायतों पर भी लागू किया गया है। माना जा रहा है कि नई क्षेत्र पंचायतों के गठन और ब्लॉक प्रमुखों के चुनाव की प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्वाचित प्रतिनिधि अपना कार्यभार संभालेंगे।