वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
मुरादाबाद। मंडल में तेंदुओं के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए प्रशासन और वन विभाग ने राहत एवं बचाव अभियान तेज कर दिया है। मंडलायुक्त संगीता सिंह ने तेंदुआ प्रभावित और संवेदनशील क्षेत्रों का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को रात्रि गश्त बढ़ाने, थर्मल ड्रोन से निगरानी जारी रखने और रेस्क्यू अभियान को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।
अभियान के तहत ग्राम सहसपुरी में हाल ही में एक और तेंदुआ पिंजड़े में कैद किया गया। इसके साथ ही मंडल में अब तक पकड़े गए तेंदुओं की संख्या 12 हो गई है। आबादी वाले क्षेत्रों में वन्यजीवों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए कैमरा ट्रैप, ट्रैप केज और एनआईडीईआर डिवाइस लगाए गए हैं।
आपदा राहत कंट्रोल रूम में ग्रामीणों के साथ बैठक के दौरान मंडलायुक्त ने उनकी समस्याएं सुनीं। ग्रामीणों ने रात में बिजली कटौती की शिकायत की, जिस पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तत्काल आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। निगरानी के लिए बिलारी समेत अन्य संवेदनशील गांवों में वाइल्डलाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया के सहयोग से 30 कैमरा ट्रैप लगाए गए हैं। ठाकुरद्वारा तहसील के 22 गांवों में 32 और कांठ के आठ गांवों में आठ ट्रैप केज स्थापित किए गए हैं। पीपली घनश्याम, कुंदरिया और शिवनगर समेत 11 गांवों में लाउडस्पीकर युक्त वाहनों से मुनादी कर ग्रामीणों को जागरूक किया जा रहा है। वन विभाग ने लोगों से अकेले जंगल न जाने, समूह में टॉर्च और लाठी-डंडों के साथ निकलने तथा बच्चों और मवेशियों को सुरक्षित रखने की अपील की है। तेंदुआ दिखाई देने पर तत्काल वन विभाग या पुलिस को सूचना देने को कहा गया है।