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नफे की भूख में जहर घोल रहे धंधेबाज, सस्ते नमक को ‘टाटा’ बनाकर बेच रहे मौत

वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/अजय कुमार
लखनऊ। कानपुर से थोक में सस्ता पिसा हुआ नमक लाकर कुछ धंधेबाज उसे केमिकल की मदद से ब्रांडेड ‘टाटा नमक’ में बदल रहे हैं। महज 12 से 15 रुपये प्रति पैकेट के मुनाफे के लालच में यह कारोबारी लोगों की सेहत से खिलवाड़ कर रहे हैं। नमक में नमी रोकने के लिए पोटैशियम फेरोसायनाइड जैसे एंटी केकिंग एजेंट का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे नमक फ्री फ्लो तो हो जाता है, लेकिन इसका लगातार सेवन लिवर को नुकसान पहुंचा सकता है। प्रदेश के कई जिलों में इस खतरनाक धंधे का जाल फैला हुआ है।
बाजार जानकार बताते हैं कि सस्ता नमक थोक में लाकर स्थानीय स्तर पर ब्रांडेड पैकेटों में भर दिया जाता है। दिल्ली से मंगाए गए आकर्षक रैपर में पैकिंग इतनी सटीक होती है कि पहली नजर में असली और नकली नमक में फर्क करना मुश्किल हो जाता है। खासकर ग्रामीण इलाकों और छोटे दुकानदारों के माध्यम से यह नकली पैकिंग वाला नमक आसानी से उपभोक्ताओं तक पहुंच जाता है। बिना किसी जांच-पड़ताल और गुणवत्ता मानक के बिकने वाले इस नमक से लोगों की सेहत पर गंभीर खतरा मंडराता रहता है। त्योहारों और शादी-ब्याह के सीजन में इसकी मांग अचानक बढ़ने से यह कारोबार और तेजी पकड़ लेता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार नमक सिर्फ स्वाद के लिए नहीं बल्कि सेहत के लिए भी अहम होता है, लेकिन नकली पैक्ड नमक में मिलाए गए तत्व शरीर पर जहर की तरह असर करते हैं। एंटी केकिंग एजेंट और सोडियम की अधिक मात्रा ब्लड प्रेशर को तेजी से बढ़ा सकती है। लंबे समय तक ऐसे मिलावटी नमक के सेवन से गुर्दे और लिवर पर गंभीर दुष्प्रभाव पड़ते हैं। इसके बावजूद मुनाफे की भूख में धंधेबाज लोगों की जिंदगी दांव पर लगाने से नहीं चूक रहे।
उदाहरणस्वरूप गोरखपुर में शुक्रवार को राजघाट थाना क्षेत्र के मिर्जापुर इलाके में टाटा ब्रांड का डुप्लीकेट नमक तैयार किए जाने की सूचना पर पुलिस और कंपनी की टीम ने छापा मारा। जहाँ एक दुकान के गोदाम में 3.43 क्विंटल नमक मिला। इसके नकली होने की आशंका है। टीम को टाटा की चायपत्ती और फेवीक्विक के रैपर भी मिले हैं। बरामद सारा माल पुलिस थाने ले गई। टाटा कंपनी के लीगल एडवाइजर के अनुसार ब्रांडेड कंपनी के नकली रैपर में नमक और चायपत्ती पैक कर बाजार में सप्लाई करने की सूचना मिल रही थी। इससे कंपनी काे लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है। गोपनीय सूचना के आधार पर कंपनी के कर्मचारियों ने जब छानबीन शुरू की तो पता चला कि मिर्जापुर इलाके में एक दुकान से नकली माल बाजार में भेजा जा रहा है। इसके लिए कंपनी के नाम से नकली रैपर छपवाए गए हैं जिसमें साधारण उत्पाद भरा होता है। कंपनी के विश्वास पर लोग इसे खरीदते हैं लेकिन सामान की गुणवत्ता खराब होती है। इससे कंपनी की साख प्रभावित हो रही है।

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