Breaking News

UPSRTC : अनुभवी ड्राइवर वीआईपी कारों में, बसों की स्टीयरिंग पर नौसिखिए—हादसों का बढ़ता खतरा

– संविदा पर भर्ती से पहले होता है टेस्ट
– एक हजार से अधिक बसों का बेड़ा
– अनुभवी चालकों की संख्या घटी
वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। उत्तर प्रदेश राज्य परिवहन निगम में अनुभवी चालकों को बसों से हटाकर वीआईपी वाहनों की स्टीयरिंग थमा देने और बसों की जिम्मेदारी नौसिखिये संविदा चालकों को सौंप देने से हादसों की आशंका बढ़ने लगी है। निगम के नियमित चालक जो वर्षों तक बसें चलाकर अनुभव हासिल कर चुके हैं, वे अब मुख्यालय में ड्यूटी कर रहे हैं। इनमें से कई चालक अफसरों की वीआईपी गाड़ियां और प्रवर्तन टीम के वाहन चला रहे हैं, जबकि बसें चलाने का काम संविदा चालकों को दे दिया गया है। हाल में हरदोई से लखनऊ आ रही एक रोडवेज बस काकोरी में हादसे का शिकार हो गई। जांच में पाया गया कि बस को चला रहा संविदा चालक तय सीमा से अधिक गति में वाहन दौड़ा रहा था। उप परिवहन आयुक्त राधेश्याम की अध्यक्षता में बनी जांच टीम की रिपोर्ट के आधार पर उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।
इस हादसे के बाद निगम मुख्यालय में संविदा चालकों की कार्यप्रणाली को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। अधिकारियों का कहना है कि नियमित चालक दुर्घटनाओं से बचने के लिए अधिक सतर्कता बरतते हैं, जबकि संविदा चालक लापरवाही कर बैठते हैं। इसका एक बड़ा कारण वेतन का अंतर भी बताया जा रहा है। पुराने संविदा चालकों को जहां 18 हजार रुपये तक वेतन मिलता है, वहीं नए चालकों को 15 हजार रुपये के आसपास ही मिलता है। लखनऊ परिक्षेत्र में निगम की करीब एक हजार बसें हैं, जिनमें लगभग 800 नियमित और 1500 संविदा चालक तैनात हैं। सूत्रों के अनुसार 250 से अधिक नियमित चालक उम्र या स्वास्थ्य कारणों से मुख्यालय में चौकीदारी और डीजल भरने जैसे कार्यों में लगाए गए हैं, जिससे बसों के लिए अनुभवी चालकों की संख्या घट गई है।
निगम अधिकारियों का दावा है कि संविदा चालकों की भर्ती और प्रशिक्षण प्रक्रिया सख्त है। फिर भी काकोरी हादसे ने उनकी कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं, जबकि क्षेत्रीय प्रबंधक आरके त्रिपाठी का कहना है कि संविदा चालक भी गंभीरता से बसें चलाते हैं और उनकी कार्यप्रणाली पर सवाल नहीं उठाए जा सकते। कई नियमित चालक मुख्यालय में वीआईपी कार, प्रवर्तन दल की गाड़ियां चला रहे हैं।

Check Also

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस व होली उत्सव पर आईएमए में जुटे चिकित्सक, महिला डॉक्टरों को मिला सम्मान

वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार लखनऊ। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) लखनऊ और लखनऊ ऑब्स्टेट्रिक्स …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Live Updates COVID-19 CASES