वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। विकासनगर अग्निकांड ने कई परिवारों को बेघर और असहाय बना दिया है। जिन गरीब लोगों के घर जलकर राख हो गए, उनके सामने अब जीवनयापन की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। ऐसे कठिन समय में समाज के कुछ लोग आगे आकर मानवता की मिसाल पेश कर रहे हैं। इसी क्रम में सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस करने वाले अधिवक्ता आदर्श कुमार अपने साथियों के सहयोग से पीड़ितों तक राहत सामग्री पहुंचाने में निरंतर जुटे हुए हैं और हर संभव सहायता पहुंचा रहे है।
आदर्श कुमार अपने मित्रों से सहयोग जुटाकर आज शुक्रवार को भी जरूरतमंदों के लिए मच्छरदानी और अन्य आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध करा रहे हैं। अब तक उन्होंने कढ़ी-चावल बनवाकर सैकड़ों लोगों को भोजन कराया है। इसके अलावा कपड़े, बिस्तर और मैट्रेस का भी वितरण किया गया है, जिससे प्रभावित परिवारों को कुछ राहत मिल सके। विशेष रूप से महिलाओं और बेटियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए उन्होंने एक हजार से अधिक सैनिटरी पैड के साथ उनके बच्चों के लिए मच्छरदानी का भी वितरण किया।
गौरतलब है कि कोरोना महामारी के दौरान भी आदर्श कुमार ने करीब 200 दिनों तक लगातार फील्ड में रहकर लखनऊ सहित कई जिलों और राज्यों में जरूरतमंदों की मदद की थी। उनके इस कार्य के चलते उन्हें ‘लखनऊ के सोनू सूद’ के रूप में भी पहचान मिली। इससे पहले वे 50 हजार से अधिक सैनिटरी पैड भी वितरित कर चुके हैं।
आदर्श कुमार का कहना है कि इंसानियत सबसे बड़ी जिम्मेदारी है और हर व्यक्ति को एक-दूसरे की मदद के लिए आगे आना चाहिए। उनका मानना है कि धन आता-जाता रहता है, लेकिन मानवता और संवेदनशीलता ही समाज को मजबूत बनाती है।