वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। बैंकों में पांच दिवसीय कार्य प्रणाली लागू किए जाने की मांग को लेकर बैंककर्मियों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर आज स्टेट बैंक के प्रधान कार्यालय में प्रेस वार्ता आयोजित की गई, जिसमें कामरेड दिनेश कुमार सिंह, महामंत्री (एनसीबीई) ने सरकार के रवैये पर कड़ा असंतोष जताया। उन्होंने कहा कि बैंक शाखाओं में कर्मचारियों और अधिकारियों पर लगातार बढ़ते कार्यभार, तनाव और दबाव को देखते हुए पांच दिवसीय बैंकिंग समय की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक हो गई है।
दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि रिजर्व बैंक, जीवन बीमा निगम, सेबी, नाबार्ड, जीआईसी सहित अन्य कई वित्तीय संस्थानों और सरकारी विभागों में पहले से ही पांच कार्य दिवस की व्यवस्था लागू है, लेकिन बैंककर्मियों की इस एकमात्र मांग को सरकार लगातार नजरअंदाज कर रही है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में दूसरे और चौथे शनिवार को अवकाश की व्यवस्था पहले से लागू है तथा आईबीए और यूएफबीयू के बीच सहमति के अनुसार शेष बचे दो या तीन शनिवारों को भी अवकाश घोषित किए जाने के बदले बैंककर्मी सोमवार से शुक्रवार प्रतिदिन 40 मिनट अतिरिक्त कार्य करने को तैयार हैं। उन्होंने यह भी बताया कि कल माननीय मुख्य श्रमायुक्त के समक्ष हुई समझौता वार्ता में सरकार की हठधर्मिता के चलते कोई समाधान नहीं निकल सका। ऐसे में विवश होकर बैंककर्मी आगामी 27 जनवरी को राष्ट्रव्यापी हड़ताल पर जाने का निर्णय ले चुके हैं। इस हड़ताल से आम जनता को होने वाली असुविधा की पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
फोरम के जिला संयोजक अनिल श्रीवास्तव ने कहा कि बैंककर्मियों ने प्रदर्शन, धरना, रैली और सोशल मीडिया अभियानों के माध्यम से लगातार अपनी मांग रखी है, लेकिन सरकार अब भी अड़ी हुई है। वहीं मीडिया प्रभारी अनिल तिवारी ने बताया कि 27 जनवरी को हजरतगंज स्थित इंडियन बैंक में सुबह 11:30 बजे से सभा और विशाल प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा।