वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर इण्डियन हेल्पलाइन सोसाइटी द्वारा संचालित सेवा प्रकल्प बृज की रसोई ने आशियाना क्षेत्र में निःशुल्क पौष्टिक भोजन एवं मिष्ठान वितरण कर सेवा और संवेदना का अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया। यह कार्यक्रम संविधान में निहित समानता, बंधुत्व और सामाजिक न्याय के आदर्शों को समर्पित रहा।
कार्यक्रम की शुरुआत साईं मंदिर से हुई, जिसमें स्थानीय पार्षद श्री कमलेश सिंह के मार्गदर्शन और प्रेरणादायक सान्निध्य में आलू–गोभी–मटर–टमाटर की सब्जी, चावल, बूंदी, फ्रूटी और वस्त्रों का वितरण किया गया। समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्तियों तक सम्मान और अपनत्व पहुँचाना इस पहल का मुख्य उद्देश्य था। संस्था के संस्थापक विपिन शर्मा ने बताया कि गणतंत्र दिवस केवल अधिकारों की याद नहीं कराता, बल्कि समाज के प्रति कर्तव्यों का भी बोध कराता है। उन्होंने कहा कि बृज की रसोई के माध्यम से सेवा का यह कारवां प्रत्येक रविवार निरंतर आगे बढ़ रहा है, जो गणतंत्र के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।
कार्यक्रम में निराश्रित, असहाय, जरूरतमंद बच्चों, बुजुर्गों और श्रमिक वर्ग को स्वच्छता और पोषण मानकों के अनुरूप भोजन उपलब्ध कराया गया। वितरण साईं मंदिर, सेक्टर–जे, आशियाना से शुरू होकर सेक्टर–एम रिक्शा कॉलोनी, रतन खंड पार्क, डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय के पास झुग्गी–झोपड़ियाँ, निर्माणाधीन भवनों में कार्यरत श्रमिकों के अस्थायी आवास, नगर निगम जोन–8 की मलिन बस्तियाँ और रतन खंड पानी टंकी तक संपन्न हुआ। इस सेवा आयोजन में लगभग 1500 लोगों को संस्था के समर्पित पदाधिकारी और स्वयंसेवकों ने भोजन प्रदान किया। इसमें कमलेश सिंह (पार्षद), संजय श्रीवास्तव, विशाल सक्सेना, मोहित सिंह, अनुराग दुबे, नवल सिंह, दिनेश पाण्डेय, मुकेश कनौजिया, अखिलेश सिंह, शालू सरदार, ध्रुव सक्सेना और गोविन्द सिंह ठाकुर सहित कई समाजसेवक सक्रिय रूप से शामिल हुए। इस पहल ने गणतंत्र दिवस के दिन सेवा, संवेदना और मानवता के मूल्यों को जीवंत रूप में प्रदर्शित किया।