वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के आबकारी एवं मद्य निषेध राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नितिन अग्रवाल ने शनिवार को गन्ना संस्थान, डालीबाग लखनऊ में विभागीय कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को राजस्व लक्ष्य की प्राप्ति के लिए तेजी से कार्य करने के निर्देश दिए। बैठक में उन्होंने विगत एक वर्ष में कम राजस्व वसूली वाले 10 जनपदों के जिला आबकारी अधिकारियों से स्पष्टीकरण लेने को कहा। इन जनपदों में कानपुर नगर, आगरा, मेरठ, बिजनौर, लखनऊ, बुलंदशहर, हाथरस, मुरादाबाद, अलीगढ़ और बरेली शामिल हैं।
मंत्री ने कहा कि पड़ोसी राज्यों से आने वाली अवैध मदिरा के साथ कच्ची, मिलावटी और चोरी की शराब पर पूर्ण प्रतिबंध सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए जिलों की प्रवर्तन टीमों को सक्रिय रखते हुए शासन स्तर से भी लगातार निगरानी की जाएगी। उन्होंने कहा कि राजस्व को नुकसान पहुंचाने वाले तत्वों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जाए और मदिरा की दुकानों पर ओवररेटिंग की शिकायत मिलने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएं। नितिन अग्रवाल ने बिजनौर में मदिरा उद्योग के खिलाफ गैर जिम्मेदारीपूर्ण कार्रवाई के मामले को गंभीरता से लेते हुए वहां के जिला आबकारी अधिकारी के कार्यों की जांच कर रिपोर्ट शासन को उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए। साथ ही मदिरा और भांग की दुकानों के लाइसेंस नवीनीकरण के लिए एक सप्ताह का अतिरिक्त समय देने को कहा। उन्होंने कहा कि वैट और जीएसटी के बाद प्रदेश में सर्वाधिक राजस्व आबकारी विभाग से प्राप्त होता है। पिछले आठ वर्षों में विभाग में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ी है और प्रदेश की आबकारी नीति अन्य राज्यों के लिए रोल मॉडल बन चुकी है।
मंत्री ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में विभाग के लिए 63 हजार करोड़ रुपये का राजस्व लक्ष्य निर्धारित किया गया है। फरवरी तक 50,585 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका है, जो पिछले वर्ष की तुलना में काफी अधिक है। फरवरी माह में 2,76,438 लीटर अवैध शराब भी पकड़ी गई और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की गई। बैठक में अपर मुख्य सचिव वीना कुमारी मीणा, आबकारी आयुक्त डॉ. आदर्श सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।