वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लखनऊ में क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र की स्थापना उत्तर प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जो कृषि, आपदा प्रबंधन और वैज्ञानिक विकास को नई दिशा देगी। उन्होंने कहा कि यह केंद्र उत्तर प्रदेश के माध्यम से विकसित भारत की संकल्पना को वैज्ञानिक आधार प्रदान करेगा और किसानों सहित आम नागरिकों को मौसम संबंधी सटीक जानकारी उपलब्ध कराने में सहायक बनेगा।
मुख्यमंत्री ने सोमवार को केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह के साथ बटन दबाकर क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र का शुभारंभ किया। लखनऊ मौसम विज्ञान केंद्र को उन्नत कर क्षेत्रीय केंद्र का स्वरूप दिया गया है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पिछले 12 वर्षों में मौसम पूर्वानुमान और अनुसंधान के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है, जिसका लाभ अब स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा आबादी वाला राज्य है और महज 11 प्रतिशत कृषि योग्य भूमि पर देश के लगभग 21 प्रतिशत खाद्यान्न उत्पादन में योगदान देता है। राज्य में खाद्यान्न उत्पादन की क्षमता 35 से 36 प्रतिशत तक पहुंचने की संभावनाएं हैं, लेकिन इसके लिए आधुनिक तकनीक और सटीक मौसम पूर्वानुमान को कृषि से जोड़ना आवश्यक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं से बचाव के लिए अर्ली वार्निंग सिस्टम बेहद प्रभावी साबित हो रहा है। उन्होंने बताया कि हाल के वर्षों में आकाशीय बिजली, आंधी-तूफान और अतिवृष्टि जैसी घटनाओं की पूर्व सूचना मिलने से जनधन की हानि में कमी आई है। सहारनपुर स्थित मां शाकम्भरी देवी मंदिर क्षेत्र का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि समय पर मौसम विभाग द्वारा चेतावनी दिए जाने के कारण बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सका।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य सरकार भविष्य में मौसम संबंधी और अधिक सटीक जानकारी प्राप्त करने के लिए अपना उपग्रह विकसित करने की दिशा में भी विचार कर रही है। उन्होंने कहा कि विज्ञान और तकनीक के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने, प्राकृतिक आपदाओं के प्रभाव को कम करने और विकास की गति को तेज करने में क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।