– संतों और श्रद्धालुओं की निगाहें रिपोर्ट पर
वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर की दान पेटिका से जुड़ी कथित अनियमितताओं की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) सोमवार को अयोध्या पहुंच गया। टीम ने पहुंचते ही मामले से संबंधित दस्तावेजों, वित्तीय अभिलेखों और अन्य रिकॉर्ड की पड़ताल शुरू कर दी। शासन ने एसआईटी को सात दिन में प्रारंभिक रिपोर्ट और 15 दिन के भीतर अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर गठित तीन सदस्यीय एसआईटी दोपहर करीब 2:50 बजे अयोध्या पहुंची। जांच शुरू होते ही रामनगरी में इस मामले को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। मंदिर परिसर, संत-महंतों के आश्रमों और श्रद्धालुओं के बीच फिलहाल यही चर्चा है कि जांच में क्या तथ्य सामने आएंगे और यदि किसी स्तर पर अनियमितता पाई जाती है तो दोषियों के खिलाफ क्या कार्रवाई होगी।
हालांकि, अधिकांश संतों और स्थानीय लोगों का मानना है कि यह मामला आस्था से अधिक व्यवस्था की पारदर्शिता से जुड़ा हुआ है। उनका कहना है कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र राम मंदिर में दान प्रबंधन पूरी तरह पारदर्शी और विश्वसनीय होना चाहिए, ताकि लोगों का विश्वास और मजबूत हो सके। देश के विभिन्न हिस्सों से दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं ने भी मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि दान राशि श्रद्धा और समर्पण का प्रतीक होती है, इसलिए इसके प्रबंधन में किसी प्रकार की शंका की गुंजाइश नहीं होनी चाहिए। जांच से सच्चाई सामने आने के साथ भविष्य में व्यवस्थाएं और सुदृढ़ होंगी।
महंत वैदेही बल्लभ शरण ने कहा कि राम मंदिर करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है, इसलिए दानराशि से जुड़े किसी भी मामले की पारदर्शी जांच आवश्यक है। उन्होंने ट्रस्ट पर विश्वास जताते हुए कहा कि जांच से सच सामने आएगा और इससे श्रद्धालुओं का भरोसा और मजबूत होगा।
महंत जयराम दास ने कहा कि मुख्यमंत्री के स्तर पर जांच हो रही है, दूध का दूध पानी का पानी होना तय है। एसआईटी जांच में 2020 से राम मंदिर में जिन कर्मियों की नियुक्तियां हुई हैं, उनकी भी जांच की जानी चाहिए। जो 10 हजार वेतन पा रहे हैं और लाखों की संपदा बना लिए हैं, ऐसे लोगों की संपदा की रिकवरी हो। मामले में संलिप्त लोगों की नियुक्ति कराने वालों पर भी कार्रवाई हो, वो जहां ट्रस्टी ही क्यों न हों।
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य महंत दिनेंद्र दास ने कहा कि एसआईटी जांच के माध्यम से सच्चाई सामने आएगी और जो भी तथ्य होंगे, वे सार्वजनिक होंगे। यह प्रभु श्रीराम का दरबार है, यहां किसी के साथ अन्याय नहीं होगा। राम खुद ही न्याय कर लेंगे। राम मंदिर ट्रस्ट ने स्वयं जांच की मांग कर यह स्पष्ट कर दिया है कि वह पारदर्शिता और जवाबदेही के पक्ष में है। बजरंग दल के संस्थापक सदस्य विनय कटियार ने बताया कि चढ़ावा चोरी के मामले से बहुत बड़ा दर्द हुआ है, चोरों को माफ नहीं करेंगे। सबको ठीक करेंगे। ये सब जेल जाएंगे। छोड़ा नहीं जाएगा।
फिलहाल अयोध्या का माहौल शांत है, लेकिन संत समाज, स्थानीय नागरिकों और श्रद्धालुओं की नजरें अब एसआईटी की रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं।