वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
वाराणसी। श्रावण मास 2026 के प्रथम दिवस पर बाबा श्री काशी विश्वनाथ के दर्शन के लिए देशभर से लाखों श्रद्धालु श्री काशी विश्वनाथ धाम पहुंचे। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच मंदिर प्रशासन की सतर्कता और संवेदनशीलता का एक सराहनीय उदाहरण उस समय देखने को मिला, जब राजस्थान के झुंझुनू जनपद की निवासी श्रद्धालु श्रीमती संजना गोयल अपने सहयोगी दल से बिछड़ गईं। मंदिर प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से उन्हें सकुशल उनके परिजनों से मिला दिया गया।
जानकारी के अनुसार, संजना गोयल अपने साथियों के साथ भगवान श्री विश्वेश्वर के दर्शन के लिए धाम आई थीं। दर्शन के दौरान अत्यधिक भीड़ के कारण वह अपने सहयोगियों से अलग हो गईं। घटना की सूचना मिलते ही श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के अधिकारियों और कर्मचारियों ने तत्काल सक्रियता दिखाते हुए महिला श्रद्धालु की सहायता शुरू की।
मंदिर प्रशासन ने उपलब्ध जानकारी के आधार पर श्रीमती गोयल के सुपुत्र से दूरभाष पर संपर्क स्थापित किया और उन्हें उनकी माता की सुरक्षित स्थिति की जानकारी दी। इसके बाद समुचित समन्वय के साथ महिला श्रद्धालु को पूर्ण सुरक्षा और सम्मान के साथ उनके परिजनों तक सकुशल पहुंचाया गया। प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई से श्रद्धालु और उनके परिजन राहत महसूस करते हुए मंदिर प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते नजर आए।
श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास ने बताया कि श्रावण मास में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए धाम में हेल्पडेस्क, सूचना केंद्र, खोया-पाया केंद्र और अन्य आवश्यक सहायता सेवाएं चौबीसों घंटे सक्रिय रखी गई हैं। किसी भी श्रद्धालु के बिछड़ने, अस्वस्थ होने या अन्य किसी प्रकार की समस्या आने पर तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे भीड़ के दौरान सतर्क रहें और किसी भी आवश्यकता की स्थिति में हेल्पडेस्क या प्रशासनिक कर्मियों से तुरंत संपर्क करें।