वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
प्रयागराज। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिवक्ताओं के लिए हर वर्ष कैशलेस चिकित्सा बीमा योजना लागू करने और 400 राज्य विधि अधिकारियों को टैबलेट उपलब्ध कराने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय और जिला न्यायालयों में सक्रिय रूप से प्रैक्टिस करने वाले अधिवक्ताओं को यह सुविधा बार काउंसिल और बार एसोसिएशन से प्राप्त प्रस्ताव के आधार पर दी जाएगी। मुख्यमंत्री सोमवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ऑफिस चैंबर और अधिवक्ता भवन की चाबी एसोसिएशन को सौंपी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिवक्ता समाज ने स्वतंत्रता आंदोलन, संविधान निर्माण और लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। न्यायपालिका और बार के बीच बेहतर संवाद, समन्वय और पारस्परिक सम्मान से न्याय प्रशासन अधिक प्रभावी होगा। उन्होंने अधिवक्ताओं के चैंबर में फर्नीचर और उपकरण जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने में सरकार के सहयोग का भरोसा दिया।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में न्यायिक ढांचे को आधुनिक बनाने के साथ जिला न्यायालयों और जेलों को हाईस्पीड इंटरनेट व वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जोड़ा गया है। पुलिस और अभियोजन के बेहतर समन्वय से दोषसिद्धि दर में सुधार हुआ है। वैज्ञानिक साक्ष्यों के प्रभावी उपयोग और समय पर आरोपपत्र दाखिल करने की व्यवस्था मजबूत की गई है। त्वरित न्याय के लिए पहले चरण में जनपद स्तर पर 900 फास्ट ट्रैक न्यायालयों के गठन को मंजूरी दी गई है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि अधिवक्ता कल्याण निधि की सहायता राशि बढ़ाकर पांच लाख रुपये की गई है और निधन पर परिजनों को आर्थिक सहायता की आयु सीमा 70 वर्ष की गई है। कौशांबी, लखनऊ, कासगंज और श्रावस्ती समेत करीब एक दर्जन जिलों में अधिवक्ता चैंबर बनाए जा रहे हैं। उन्होंने युवा अधिवक्ताओं से तकनीक और बदलती सामाजिक-आर्थिक परिस्थितियों की समझ विकसित कर संवैधानिक मूल्यों के प्रहरी बनने का आह्वान किया।