वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी सिविल चिकित्सालय में मंगलवार को स्वास्थ्य सेवाओं के डिजिटलीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई। उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने ई-हॉस्पिटल परियोजना के साथ डिजिटल प्रणाली से लैस सुपर स्पेशियलिटी ओपीडी, न्यूरोसर्जरी वार्ड, न्यूरोसर्जरी ओटी और स्ट्रोक यूनिट का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि सिविल अस्पताल के सुपर स्पेशियलिटी ओपीडी मॉडल को प्रदेश के अन्य जिला अस्पतालों में भी लागू किया जाएगा।
यह व्यवस्था डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान, गोमतीनगर और सिविल चिकित्सालय के बीच अंतर-विभागीय समन्वय के तहत शुरू की गई है। इसके माध्यम से सिविल अस्पताल में न्यूरोलॉजी, नेफ्रोलॉजी और कार्डियोलॉजी के विशेषज्ञों की नियमित सेवाएं उपलब्ध होंगी। इससे गंभीर और जटिल बीमारियों से पीड़ित मरीजों को जिला स्तर पर ही विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श मिलने की सुविधा बढ़ेगी।
सुपर स्पेशियलिटी के लिए अलग पंजीकरण काउंटर :
अस्पताल से सुपर स्पेशियलिटी उपचार के लिए रेफर किए जाने वाले मरीजों के लिए अलग पंजीकरण काउंटर बनाया गया है। डिजिटल ई-हॉस्पिटल व्यवस्था के तहत मरीज घर बैठे भी पर्चा बनवा सकेगा। इसके साथ ही उसे विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श के लिए अपॉइंटमेंट और निर्धारित समय स्लॉट भी प्राप्त हो सकेगा। इससे अस्पताल में पंजीकरण के लिए लंबी कतारों से राहत मिलने की उम्मीद है। नई व्यवस्था के तहत मरीजों की जानकारी डिजिटल माध्यम से उपलब्ध रहेगी, जिससे उपचार और रेफरल प्रक्रिया को बेहतर ढंग से संचालित करने में मदद मिलेगी। न्यूरोसर्जरी वार्ड, ऑपरेशन थिएटर और स्ट्रोक यूनिट शुरू होने से मस्तिष्क एवं तंत्रिका संबंधी गंभीर रोगों के उपचार की सुविधा भी मजबूत होगी। अधिकारियों के अनुसार डिजिटल और सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं के विस्तार से सरकारी अस्पतालों में मरीजों को बेहतर, सुलभ और समयबद्ध उपचार उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।