वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/अजय कुमार
वाराणसी। कुपोषण के खिलाफ जनभागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने बुधवार को वाराणसी के रुद्राक्ष इंटरनेशनल कोऑपरेशन एंड कन्वेंशन सेंटर में नौवें राष्ट्रीय पोषण माह 2026 का शुभारंभ किया। ‘हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’ विषय पर आयोजित यह अभियान नौ सितंबर से आठ अक्टूबर तक चलेगा। इस दौरान आहार में विविधता, पर्याप्त प्रोटीन, ताजा पका गर्म भोजन, स्वच्छता और प्रारंभिक बाल्यावस्था विकास पर विशेष जोर दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आंगनवाड़ी केंद्रों को जीवंत सामुदायिक संस्थानों के रूप में विकसित किया जाना चाहिए। कुपोषण मुक्त भारत के लिए विभागों के बीच बेहतर समन्वय, सक्रिय सामुदायिक भागीदारी और अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ताओं की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में आंगनवाड़ी केंद्रों को बेहतर बुनियादी ढांचे और शिक्षण वातावरण से जोड़ा गया है। कार्यकर्ताओं को स्मार्टफोन उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे डाटा की वास्तविक समय में निगरानी और सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार संभव हुआ है।
केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने बताया कि देश में 14 लाख से अधिक आंगनवाड़ी केंद्र 7.5 करोड़ से अधिक बच्चों, 1.10 करोड़ गर्भवती एवं स्तनपान कराने वाली महिलाओं और करीब 16 लाख किशोरियों को पोषण, स्वास्थ्य और प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल सेवाएं दे रहे हैं। सरकार दो लाख आंगनवाड़ी केंद्रों को सक्षम आंगनवाड़ी के रूप में विकसित कर रही है, जिनमें उत्तर प्रदेश के करीब 24 हजार केंद्र शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत अब तक 4.65 करोड़ से अधिक माताओं को 21 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि डीबीटी के माध्यम से दी जा चुकी है। अन्नपूर्णा देवी ने 2047 तक सुपोषित भारत और विकसित भारत के लक्ष्य के लिए पोषण को जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में पोषण मेले के माध्यम से स्थानीय पौष्टिक खाद्य पदार्थों और आंगनवाड़ी केंद्रों की श्रेष्ठ गतिविधियों का प्रदर्शन किया गया। अभियान के दौरान समुदाय, पंचायती राज संस्थाओं, स्वयं सहायता समूहों और परिवारों की भागीदारी बढ़ाने पर भी जोर रहेगा।