वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। प्रदेश में महिला स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक आत्मनिर्भरता का मजबूत माध्यम बनाने के लिए सरकार ने तीन करोड़ महिलाओं को समूहों से जोड़ने और एक करोड़ महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बनाने का लक्ष्य तय किया है। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बुधवार को योजना भवन में उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की समीक्षा बैठक में अधिकारियों और बैंकरों को निर्देश दिए कि महिलाओं को केवल कर्ज देने के बजाय उनकी आमदनी बढ़ाने पर जोर दिया जाए।
उन्होंने उत्तर प्रदेश महिला उद्यमी योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर देते हुए कहा कि एक करोड़ से अधिक महिलाओं को पहली किश्त में 20 हजार रुपये उपलब्ध कराए जाने हैं, जिसका ब्याज विभाग वहन करेगा। दूसरी किश्त में 30 हजार रुपये दिए जाएंगे। उन्होंने बैंकों से पात्र महिलाओं को सरल और सुगम तरीके से ऋण उपलब्ध कराने को कहा।
मौर्य ने कहा कि महिला सशक्तिकरण की योजनाएं वास्तव में गरीब कल्याण की योजनाएं हैं। महिलाओं की आय बढ़ेगी तो परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और गांवों में समृद्धि का आधार तैयार होगा। उन्होंने महिलाओं को गाय-भैंस खरीदने के लिए भी आसान ऋण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि दुग्ध उत्पादन से उनकी आमदनी बढ़ाई जा सके। प्रदेश में पांच मिल्क प्रोड्यूसर कंपनियां महिला दुग्ध उत्पादकों को संगठित कर आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में जुटी हैं। तकनीक के इस्तेमाल पर जोर देते हुए उपमुख्यमंत्री ने प्रत्येक संकुल स्तरीय संघ के पास कम से कम एक ड्रोन उपलब्ध कराने की योजना बनाने को कहा। ड्रोन के जरिये कृषि समेत अन्य गतिविधियों में नई तकनीक को बढ़ावा देने और महिलाओं के लिए आय के अवसर पैदा करने पर जोर दिया गया।
उन्होंने डेवलपमेंट अल्टरनेटिव संस्था से दो लाख रुपये तक की लागत वाले अच्छे ई-रिक्शा चिन्हित कर समूह की महिलाओं को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि कम लागत में अधिक आय अर्जित की जा सके। साथ ही बीमा क्लेम के मामलों का संवेदनशील और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा। बैठक में राज्य मंत्री विजय लक्ष्मी गौतम, प्रमुख सचिव सौरभ बाबू समेत ग्रामीण विकास विभाग, बैंकिंग संस्थाओं और सहयोगी एजेंसियों के अधिकारी मौजूद रहे।