वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। भारत रत्न पंडित गोविंद बल्लभ पंत की 139वीं जयंती पर लखनऊ में आयोजित पुष्पांजलि कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें नमन करते हुए विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री पंडित गोविंद बल्लभ पंत महान अधिवक्ता और स्वाधीनता सेनानी थे। उत्तर प्रदेश सरकार और जनता की ओर से उनकी स्मृतियों को नमन किया जाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंत जी ने देश की स्वतंत्रता के आंदोलन में बढ़-चढ़कर भाग लिया। वर्ष 1925 में काकोरी ट्रेन एक्शन से जुड़े क्रांतिकारियों की उन्होंने पैरोकारी की थी। भारत छोड़ो आंदोलन समेत विभिन्न आंदोलनों में उनकी सक्रिय भूमिका रही। आजादी के बाद पंडित पंत उत्तर प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री बने। उस समय उत्तराखंड भी उत्तर प्रदेश का हिस्सा था। इतने बड़े राज्य में उन्होंने सुशासन का मॉडल स्थापित करने के साथ आर्थिक उन्नयन के लिए महत्वपूर्ण प्रयास किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंत जी ने भूमि सुधार का प्रभावी मॉडल प्रस्तुत किया।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 1954 में देश के गृहमंत्री बनने के बाद पंत जी ने भाषाई संघर्ष और सामाजिक विभाजन के प्रयासों का सूझबूझ से समाधान निकाला। हिंदी को राजभाषा के रूप में प्रतिष्ठित करने में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंडित गोविंद बल्लभ पंत का जीवन राष्ट्रसेवा, सुशासन और सामाजिक समरसता के लिए सदैव प्रेरणादायी रहेगा।