वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के बयानों को लेकर भाजपा नेताओं और योगी सरकार के मंत्रियों ने तीखा हमला बोला है। भाजपा नेताओं ने सपा पर नकारात्मक राजनीति करने और चुनावी हार का ठीकरा ईवीएम, पुलिस-प्रशासन तथा संवैधानिक संस्थाओं पर फोड़ने का आरोप लगाया। साथ ही अखिलेश यादव के पीडीए के दावे और रैली रद्द होने को लेकर भी सवाल उठाए।
मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि समाजवादी पार्टी की आस्था देश के संविधान में नहीं है। उसे केवल निगेटिव एजेंडा चलाना है। सपा सरकार के दौरान गुंडागर्दी, अराजकता, बेईमानी और भाई-भतीजावाद को जनता भूली नहीं है। उन्होंने कहा कि चुनाव हारने पर सपा ईवीएम, पुलिस-प्रशासन और संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाती है। मंत्री हंसराज विश्वकर्मा ने कहा कि असली पीडीए भाजपा की केंद्र से प्रदेश तक की सरकारों में है। प्रदेश में विकास के साथ विरासत की भी सुरक्षा हो रही है।
उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष मोहसिन रजा ने कहा कि सपा नेता हताश हैं। योगी सरकार ने कानून-व्यवस्था बेहतर कर लोगों में विश्वास पैदा किया है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यह सपा का अंतिम चुनाव है और पीडीए कोई नई पार्टी बनने जा रही है। भाजपा के मुख्य प्रवक्ता दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि सत्ता से बाहर होते ही पर्ची-खर्ची बंद हुई तो सपा को पीडीए याद आने लगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा शासन में अपराधियों और माफिया को संरक्षण मिला।
रैली रद्द होने पर भी निशाना ;
अखिलेश यादव की रैली रद्द होने को लेकर मंत्री दयाशंकर सिंह ने कहा कि शायद वह जाना नहीं चाहते होंगे, इसलिए बहाना बना रहे हैं। मंत्री अनिल कुमार ने कहा कि पहले कार्यक्रम जारी किया जाता है और बाद में खुद ही रद्द कर दिया जाता है। कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि कार्यक्रम की अनुमति जिला प्रशासन देता है, सरकार नहीं। भाजपा सरकार में किसी को कार्यक्रम करने से नहीं रोका जाता।