वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
मुंबई। गणेश महोत्सव के आगाज से पहले मायानगरी में देश के सबसे समृद्ध गणपति पंडालों में शामिल जीएसबी सेवा मंडल का महागणपति श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया है। किंग्स सर्किल स्थित मंडल के गणपति को इस बार 66 किलो से अधिक सोने, 335 किलो चांदी और कीमती रत्नों से सजाया गया है। भव्य आभूषणों से सजे गणपति की सुरक्षा के लिए 703 करोड़ 27 लाख रुपये का रिकॉर्ड इंश्योरेंस कवर भी लिया गया है। 14 सितंबर से शुरू होने वाला गणेश महोत्सव 25 सितंबर तक चलेगा। इससे पहले रविवार को जीएसबी सेवा मंडल के महागणपति का प्रथम मुखदर्शन कराया गया। सोने-चांदी के आभूषणों और रत्नों से सजे गणपति के दिव्य स्वरूप के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। महोत्सव के दौरान मुंबई के अलावा दूसरे शहरों और राज्यों से भी भक्तों के पहुंचने की उम्मीद है।
मंडल के पदाधिकारियों के अनुसार, इंश्योरेंस कवर में गणपति के आभूषणों, पंडाल में मौजूद साजो-सामान और श्रद्धालुओं की सुरक्षा से जुड़े जोखिमों को शामिल किया गया है। हालांकि जीएसबी महागणपति की पहचान केवल भव्यता और कीमती धातुओं से नहीं है। वैदिक परंपराओं के अनुरूप होने वाली पूजा-अर्चना और सेवा गतिविधियां भी इसकी खास पहचान हैं।
गणेशोत्सव के दौरान मंडल की ओर से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के लिए अन्नदान की व्यवस्था की जाती है। जरूरतमंदों तक भोजन पहुंचाना भी सेवा गतिविधियों का प्रमुख हिस्सा है। मंडल की ओर से बताया गया कि महोत्सव के दौरान खाद्य सुरक्षा से जुड़े सभी निर्धारित नियमों और दिशानिर्देशों का पालन किया जाएगा।
जीएसबी सेवा मंडल का गणपति उत्सव अपनी धार्मिक परंपराओं, पूजा-पद्धति और सेवा कार्यों के लिए भी जाना जाता है। ऐसे में इस बार 66 किलो से अधिक सोने और 335 किलो चांदी से सजे महागणपति के दर्शन के साथ श्रद्धालुओं को सेवा और अन्नदान की परंपरा का भी अनुभव मिलेगा।