वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। आगामी चुनाव की तैयारियों के तहत ईवीएम की फर्स्ट लेवल चेकिंग (FLC) को पारदर्शी और निर्धारित मानकों के अनुरूप कराने के लिए सोमवार को डॉ. राम मनोहर लोहिया उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी (RUPAM) में कार्यशाला आयोजित की गई। भारत निर्वाचन आयोग के वरिष्ठ उप निर्वाचन आयुक्त मनीष गर्ग की अध्यक्षता में हुई कार्यशाला में 33 जिलों के जिला निर्वाचन अधिकारियों, उप जिला निर्वाचन अधिकारियों और एफएलसी सुपरवाइजर को तकनीकी एवं प्रशासनिक प्रक्रियाओं का प्रशिक्षण दिया गया।
कार्यशाला में मनीष गर्ग ने कहा कि एफएलसी चुनाव तैयारियों का शुरुआती और बेहद महत्वपूर्ण चरण है। अधिकारियों को नियमित रूप से निर्वाचन कार्यों की समीक्षा करने और आयोग के निर्देशों का समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने एफएलसी के बाद ओके पाई गई मशीनों की सूची राजनीतिक दलों के साथ साझा करने और विधिवत अभिस्वीकृति लेने को कहा। एफएलसी की शुरुआत और समापन की जानकारी प्रेस नोट के माध्यम से सार्वजनिक करने पर भी जोर दिया।
उन्होंने वीवीपैट स्लिप की निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार प्रतिदिन श्रेडिंग और निस्तारण के लिए पर्याप्त एवं गुणवत्तापूर्ण श्रेडर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। एसआइआर के दौरान प्राप्त आवेदनों और प्रपत्रों के लंबित मामलों की नियमित समीक्षा कर समयबद्ध निस्तारण करने को भी कहा।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने कहा कि एफएलसी की प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता और निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार होनी चाहिए। राजनीतिक दलों को एफएलसी की तिथियों की समय से सूचना देने, अभिलेखों के व्यवस्थित रखरखाव और ईवीएम की आवाजाही में जीपीएस ट्रैकिंग व निर्धारित मार्ग का अनिवार्य रूप से पालन करने के निर्देश दिए। कार्यशाला में बीईएल विशेषज्ञों ने ईवीएम-वीवीपैट की तकनीकी संरचना, सुरक्षा विशेषताओं, संचालन, रैंडमाइजेशन, कमीशनिंग, मतदान, मतगणना और मतगणना बाद की प्रक्रियाओं की जानकारी दी। प्रतिभागियों को मशीनों पर हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण देकर उनका मूल्यांकन भी किया गया।