वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
पुणे। एमआईटी वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी में 14 सितंबर को हफीज कॉन्ट्रैक्टर स्कूल ऑफ आर्किटेक्चर के उद्घाटन सम्मेलन का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि पद्म भूषण से सम्मानित प्रसिद्ध वास्तुकार हफीज कॉन्ट्रैक्टर ने तेजी से बढ़ते शहरों की योजना में पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि शहरों के विस्तार के नाम पर कृषि भूमि, जंगल और आर्द्रभूमि को नष्ट करने का सिलसिला अब नहीं चल सकता। पर्यावरण नष्ट हुआ तो मानव अस्तित्व भी संकट में पड़ जाएगा।
कॉन्ट्रैक्टर ने कहा कि भावी शहरों की योजना तीन आयामों में करनी होगी और भवन निर्माण में भूकंप व चक्रवात जैसी प्राकृतिक आपदाओं को ध्यान में रखना जरूरी है। सीमेंट और स्टील जैसी बुनियादी निर्माण सामग्री में भी मजबूती और टिकाऊपन के लिहाज से सुधार की आवश्यकता है। उन्होंने छात्रों से वास्तुकला के मूल सिद्धांतों को समझने और हर निर्माण के पीछे स्पष्ट उद्देश्य रखने का आह्वान किया।
एमआईटी-डब्ल्यूपीयू के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. राहुल विश्वनाथ कराड ने कहा कि वास्तुकला लोगों के जीवन और शहरों के अनुभव को प्रभावित करती है। एआई और नई तकनीकों के दौर में उद्योग व शिक्षा जगत को मिलकर छात्रों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना होगा। सम्मानित अतिथि पवन आनंद और वास्तुकार पुष्कर कानविंदे ने छात्रों को रचनात्मकता, प्रयोग और सतत सीखने पर जोर दिया। सम्मेलन में विशेषज्ञों ने छात्रों के साथ संवाद और प्रश्नोत्तर भी किया।