वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। 2000 रुपये से अधिक के पर्सन-टू-मर्चेंट यूपीआई ट्रांजैक्शन पर 0.4 प्रतिशत मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) लागू किए जाने की खबर से प्रदेश के व्यापारियों में आक्रोश है। उत्तर प्रदेश आदर्श व्यापार मंडल ने यूपीआई ट्रांजैक्शन पर प्रस्तावित चार्ज वापस लेने की मांग की है। संगठन ने चेतावनी दी है कि निर्णय वापस नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा।
उत्तर प्रदेश आदर्श व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष संजय गुप्ता ने कहा कि व्यापारी किसी भी कीमत पर यूपीआई ट्रांजैक्शन चार्ज स्वीकार नहीं करेंगे। उनके अनुसार व्यापारी पहले से ही बैंकों को एसएमएस चार्ज, आईएमपीएस चार्ज, कैश हैंडलिंग चार्ज समेत कई तरह के शुल्क अदा कर रहे हैं। ऐसे में नए शुल्क से व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा।
संजय गुप्ता ने कहा कि 75 हजार रुपये से अधिक के ट्रांजैक्शन पर एमडीआर की अधिकतम सीमा 300 रुपये प्रति ट्रांजैक्शन तय किए जाने की बात भी सामने आई है। उनका कहना है कि इस तरह के शुल्क का असर अंततः ग्राहकों पर पड़ सकता है और इससे आम जनता पर भी अतिरिक्त आर्थिक बोझ आएगा। उन्होंने कहा कि सरकार एक ओर डिजिटल भुगतान और बैंकिंग माध्यम से अधिक से अधिक लेनदेन को बढ़ावा देने की बात करती है, वहीं दूसरी ओर नए-नए शुल्क लगाकर व्यापारियों को डिजिटल भुगतान के इस्तेमाल के प्रति हतोत्साहित किया जा रहा है। व्यापारी समाज अपने संसाधनों से कर संग्रह में योगदान देता है और सरकार के राजस्व में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ऐसे में व्यापारियों पर लगातार नए शुल्क और जिम्मेदारियां डालना उचित नहीं है।
उत्तर प्रदेश आदर्श व्यापार मंडल ने सरकार से प्रस्तावित यूपीआई शुल्क को वापस लेने की मांग की है। संजय गुप्ता ने कहा कि मांग पूरी नहीं होने पर संगठन व्यापारियों के हित में आंदोलन करेगा।