वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 के तहत प्राप्त परियोजनाओं पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने स्थापित इकाइयों की सब्सिडी से संबंधित मामलों की नियमित समीक्षा और प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष फोकस करने को कहा। उनका कहना था कि राज्य में खाद्य प्रसंस्करण आधारित उद्योगों के माध्यम से अधिक से अधिक पूंजी निवेश आकर्षित करना सरकार की प्राथमिकता है।
इसी क्रम में कृषि उत्पादन आयुक्त दीपक कुमार की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय इम्पावर्ड कमेटी की बैठक सम्पन्न हुई, जिसमें 12 जिलों से प्रस्तुत 12 प्रस्तावों को परीक्षण के बाद मंजूरी दी गई और लेटर ऑफ कम्फर्ट जारी करने की स्वीकृति प्रदान की गई। बैठक में कुल 200 करोड़ की परियोजनाओं के विरुद्ध 58 करोड़ की सब्सिडी भी स्वीकृत की गई। लखनऊ की एम्ब्रोसिया नेचर लिविंग एलएलपी और कुशीनगर की श्याम फूड्स को उत्कृष्ट संचालन और गुणवत्तापूर्ण उत्पादन के लिए प्रशस्ति पत्र दिया गया।
बैठक में बताया गया कि अब तक नीति के अंतर्गत प्राप्त 1394 प्रस्तावों में से 416 को स्वीकृति मिली है, जबकि 966 अपूर्ण पाए जाने के कारण निरस्त किए गए। वर्ष 2023 से 2025-26 तक निर्धारित 600 करोड़ की धनराशि में से 192.33 करोड़ स्वीकृत परियोजनाओं पर व्यय किए जा चुके हैं। बरेली, रामपुर और कानपुर नगर क्रमशः प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान पर रहे। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि स्वीकृत परियोजनाओं के प्लान मैप पर अनुमोदन की प्रक्रिया 15 दिनों के भीतर पूरी की जाए, ताकि निवेशकों को किसी तरह की कठिनाई न हो।