वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने प्रदेश के जनपदीय कोषागारों में चयन आयोगों और विभिन्न भर्ती बोर्डों की परीक्षा सामग्री के निस्तारण में हो रही देरी पर कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने इस संबंध में शासनादेश जारी कर सभी संबंधित विभागों और अधिकारियों को सात दिन के भीतर अनुपयोगी परीक्षा सामग्री का नियमानुसार निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश के कई जनपदीय कोषागारों में चयन आयोगों और बोर्डों द्वारा परीक्षा संपन्न होने के बाद भी प्रश्न-पत्र, ओएमआर शीट और अन्य सामग्री का समय पर निस्तारण नहीं किया जा रहा है। इसके कारण बड़ी संख्या में परीक्षा सामग्री से भरे ट्रंक कोषागारों में जमा हो गए हैं, जिससे अन्य महत्वपूर्ण और गोपनीय सामग्री के सुरक्षित रखरखाव के लिए स्थान की समस्या उत्पन्न हो रही है।
शासनादेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि कुछ स्थानों पर स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि अन्य चयन आयोगों की गोपनीय परीक्षा सामग्री रखने के लिए अस्थायी डबल लॉक कोषागार की व्यवस्था तक करनी पड़ी। इसे प्रशासनिक दृष्टि से गंभीर विषय मानते हुए तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा आयोजन के बाद अप्रयुक्त प्रश्न-पत्रों, ओएमआर शीट्स तथा अन्य सामग्री का निस्तारण सात दिन के भीतर किया जाए। साथ ही अंतिम चयन परिणाम घोषित होने के सात दिन के अंदर अभ्यर्थियों की शेष ओएमआर शीट्स और संबंधित अभिलेखों को कोषागार से हटाकर नियमानुसार नष्ट किया जाए। यह आदेश पूर्व में आयोजित सभी परीक्षाओं पर भी लागू होगा, जिनके अंतिम परिणाम घोषित हो चुके हैं। ऐसे मामलों में लंबित सामग्री के निस्तारण को प्राथमिकता देते हुए सात दिन के भीतर कार्रवाई पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्य सचिव द्वारा जारी यह शासनादेश इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से जारी किया गया है, इसलिए इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नहीं है। इसकी प्रमाणिकता राज्य सरकार की अधिकृत वेबसाइट से सत्यापित की जा सकती है। आदेश की प्रतियां सभी अपर मुख्य सचिवों, प्रमुख सचिवों, मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों तथा कोषागार विभाग के अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेज दी गई हैं।