वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। दीनदयाल उपाध्याय राज्य ग्राम्य विकास संस्थान, बख्शी का तालाब में उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के नवचयनित राज्य मिशन प्रबंधकों एवं मिशन प्रबंधकों के लिए आयोजित सात दिवसीय आवासीय उन्मुखीकरण प्रशिक्षण कार्यक्रम का रविवार को सफलतापूर्वक समापन हो गया। प्रशिक्षण पूर्ण करने वाले प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए और उन्हें मिशन के लक्ष्यों को धरातल पर उतारने का संकल्प दिलाया गया।
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के मार्गदर्शन और मिशन निदेशक श्रीमती दीपा रंजन के निर्देशन में 8 से 14 जून तक आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य नवचयनित मिशन प्रबंधकों को ग्रामीण आजीविका मिशन की कार्यप्रणाली, उद्देश्यों और रणनीतियों से परिचित कराना था। समापन सत्र की अध्यक्षता करते हुए अपर मिशन निदेशक जयनाथ यादव ने प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए। उन्होंने कहा कि लक्ष्य बड़ा है, इसलिए संकल्प भी अटल होना चाहिए और उसके परिणाम गांवों और स्वयं सहायता समूहों के स्तर पर स्पष्ट दिखाई देने चाहिए। उन्होंने सभी अधिकारियों को अनुशासन और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने की सीख दी तथा प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त ज्ञान को व्यवहार में लागू करने का आह्वान किया।
संयुक्त मिशन निदेशक प्रवीणानंद ने कहा कि राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ने ग्रामीण परिवारों, विशेषकर महिलाओं में आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता का नया भाव जगाया है। मिशन के माध्यम से हजारों महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त बन रही हैं और अपने परिवारों की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को मिशन की कार्यप्रणाली, वित्तीय प्रबंधन, स्वयं सहायता समूहों के सशक्तीकरण, फील्ड आधारित योजना निर्माण और परिणाम केंद्रित क्रियान्वयन की विस्तृत जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने विभिन्न विषयों पर व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया।
समापन अवसर पर संयुक्त मिशन निदेशक चंद्रशेखर, उपायुक्त देवेंद्र ओझा, नीति श्रीवास्तव, मुख्य वित्त एवं लेखाधिकारी नागेंद्र त्रिपाठी, करुणेश सिंहा, डॉ. सत्येंद्र गुप्ता, डॉ. विनीता रावत, सत्यजीत शुक्ला, डॉ. अंजना चड्ढा, आलोक कुमार, डॉ. नंदकिशोर साह और राष्ट्रीय संसाधन व्यक्ति डॉ. अनुपम पाण्डेय सहित अनेक अधिकारी, विशेषज्ञ, प्रशिक्षणार्थी और संस्थान के कर्मचारी उपस्थित रहे।