वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 में सब्सिडी के लिए प्रदेश सरकार ने 29 करोड़ 50 लाख 42 हजार रुपये की धनराशि स्वीकृत की है। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के निर्देश पर ग्राम्य विकास विभाग ने इस संबंध में शासनादेश जारी कर दिया है।
एसएनए स्पर्श मॉड्यूल के अंतर्गत भारत सरकार द्वारा स्वीकृत मदर सेक्शन के सापेक्ष केंद्रांश के रूप में 17 करोड़ 70 लाख 25 हजार रुपये की धनराशि स्वीकृत है। इसके सापेक्ष राज्यांश के रूप में 11 करोड़ 80 लाख 17 हजार रुपये उपलब्ध कराए गए हैं। इस प्रकार केंद्रांश और राज्यांश मिलाकर कुल 29 करोड़ 50 लाख 42 हजार रुपये की धनराशि आयुक्त, ग्राम्य विकास के निवर्तन पर रखे जाने और योजना के तहत व्यय किए जाने की स्वीकृति दी गई है।
उप मुख्यमंत्री के निर्देश पर शासनादेश में धनराशि के उपयोग को लेकर भी स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए हैं। कोषागार से पूरी धनराशि एकमुश्त आहरित नहीं की जाएगी, बल्कि आवश्यकता के अनुसार चरणबद्ध तरीके से धनराशि निकाली जाएगी। आहरण और व्यय योजना की गाइडलाइन, दिशा-निर्देश तथा समय-समय पर जारी आदेशों के अनुरूप ही किया जाएगा।
शासनादेश के अनुसार स्वीकृत धनराशि के उपयोग, निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति और उनके परीक्षण एवं सत्यापन की जिम्मेदारी आयुक्त, ग्राम्य विकास और मिशन निदेशक, राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की होगी। अधिकारियों को आंकड़ों की शुद्धता और धनराशि की अनुमन्यता सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा स्वीकृत धनराशि के नियमसंगत व्यय और निर्धारित प्रारूप में उपयोगिता प्रमाणपत्र प्राप्त करने की जिम्मेदारी भी संबंधित अधिकारियों को सौंपी गई है। सरकार का जोर योजना के तहत स्वीकृत धनराशि का निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पारदर्शी और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने पर है।