वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/अजय कुमार
पटना। भोजपुरी स्टार और भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने खेसारी लाल यादव और उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के बीच ‘नचनिया’ शब्द को लेकर चल रहे विवाद पर खुलकर अपनी बात रखी है। उन्होंने कहा कि “नचनिया” शब्द अपमानजनक नहीं, बल्कि कलाकारों की पहचान है। तिवारी ने कहा, “मैं भी नचनिया हूं। हम सब कलाकार हैं, नाचते-गाते हैं, लोगों का मनोरंजन करते हैं। इसमें बुरा मानने जैसी कोई बात नहीं है।”
मनोज तिवारी ने कहा कि सम्राट चौधरी ने स्पष्ट कर दिया है कि उन्होंने यह शब्द इस्तेमाल नहीं किया, तो विवाद खत्म हो जाना चाहिए। लेकिन अगर कहा भी होता, तो इसमें कोई बुराई नहीं है। उन्होंने कहा कि भोजपुरी कलाकारों को आपसी सम्मान बनाए रखना चाहिए क्योंकि चुनाव खत्म हो जाएंगे, मगर रिश्तों में आई खटास नुकसान पहुंचा सकती है। उन्होंने खेसारी लाल यादव पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि कई बार उन्होंने अनुचित भाषा का प्रयोग किया है, जो ठीक नहीं है। भोजपुरी कलाकारों को मंच और भाषा दोनों की गरिमा बनाए रखनी चाहिए, क्योंकि लोग उन्हें रोल मॉडल के रूप में देखते हैं। दिनेश लाल यादव निरहुआ को लेकर जब सवाल पूछा गया कि उन्होंने यादमुल्ला शब्द का प्रयोग किया है या नहीं, तो मनोज तिवारी ने बड़ी सधी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि मैंने खुद अपने कानों से नहीं सुना है।
राहुल गांधी के तालाब में मछली पकड़ने वाले वीडियो पर तिवारी ने हल्के-फुल्के अंदाज़ में कहा, “अच्छी बात है, कम से कम पता तो चला कि नीतीश सरकार में तालाब साफ हैं, वरना राहुल गांधी उसमें उतर ही नहीं पाते।” तेज प्रताप यादव पर बोले कि वे सरल और संत स्वभाव के व्यक्ति हैं, लेकिन गठबंधन में उनकी नई पार्टी की भूमिका पर उन्होंने चुप्पी साध ली। अडानी-अंबानी पर राहुल गांधी की टिप्पणियों को लेकर तिवारी ने कहा कि यह जनता को भ्रमित करने की कोशिश है। कांग्रेस खुद उन्हीं उद्योगपतियों के कार्यक्रमों में शामिल होती है, ऐसे में ये बयान केवल पाखंड हैं।
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और 44 दलों द्वारा SIR के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने पर तिवारी ने कहा कि कांग्रेस अपनी असफलता छिपाने के लिए यह सब कर रही है। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति इस देश का नागरिक नहीं है, उसे वोट देने का अधिकार नहीं होना चाहिए। विपक्ष केवल अपनी संभावित हार से डरकर यह मुद्दा उठा रहा है।