वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
गाजियाबाद। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) को ‘प्रेसिडेंट्स कलर’ प्रदान किए जाने के समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि यह सम्मान केवल NDRF की उपलब्धियों का नहीं, बल्कि पूरे आपदा प्रबंधन तंत्र की सामूहिक प्रतिबद्धता और सेवा भावना का प्रतीक है। उन्होंने NDRF के सभी जवानों को बधाई देते हुए कहा कि पिछले 20 वर्षों में उनके साहस, समर्पण और परिश्रम ने देश की जनता का विश्वास जीता है।
गृह मंत्री ने कहा कि NDRF के जवानों की उपस्थिति मात्र से ही आपदा प्रभावित क्षेत्रों में लोगों के मन में सुरक्षा और भरोसे का भाव पैदा होता है। अब तक यह बल 1.5 लाख से अधिक लोगों की जान बचाने और 9 लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने में सफल रहा है। उन्होंने कहा कि ‘आपदा सेवा सदैव सर्वत्र’ के संकल्प के साथ NDRF ने देश और दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई है।
अमित शाह ने कहा कि पहले देश में आपदा प्रबंधन का दृष्टिकोण केवल राहत और प्रतिक्रिया तक सीमित था, लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में इसे प्रिवेंटिव और प्रोडक्टिव बनाया गया है। अब सरकार ‘मिनिमम कैजुअल्टी’ से आगे बढ़कर ‘जीरो कैजुअल्टी’ के लक्ष्य की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि हीट वेव जैसी चुनौतियों से होने वाली मृत्यु दर को भी शून्य तक लाने के लिए प्रभावी रणनीति तैयार की गई है।
उन्होंने बताया कि आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में 10-सूत्रीय एजेंडा और 360-डिग्री अप्रोच के जरिए जोखिम आकलन, अर्ली वार्निंग सिस्टम और सामुदायिक भागीदारी को मजबूत किया गया है। इसी का परिणाम है कि भारत आज वैश्विक स्तर पर ‘ग्लोबल लीडर’ और ‘फर्स्ट रिस्पॉन्डर’ के रूप में उभरा है तथा ‘वसुधैव कुटुंबकम्’ की भावना को व्यवहार में उतार रहा है।
गृह मंत्री ने कहा कि NDRF और NDMA के प्रयासों से आपदा प्रबंधन अब एक मजबूत इकोसिस्टम का रूप ले चुका है, जिसमें ग्राम पंचायत से लेकर केंद्र सरकार तक सभी स्तरों पर समन्वय स्थापित हुआ है। उन्होंने बताया कि हजारों आपदा मित्रों, सिविल डिफेंस कर्मियों और स्वयंसेवकों को प्रशिक्षित कर सामुदायिक स्तर पर भी आपदा से निपटने की क्षमता बढ़ाई गई है।
इस अवसर पर 116 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली छह परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन भी किया गया। अमित शाह ने कहा कि इन परियोजनाओं से NDRF की क्षमता और मजबूत होगी। साथ ही उन्होंने CAPF के जवानों द्वारा लगाए गए 7 करोड़ से अधिक वृक्षों की सराहना करते हुए इसे पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।