वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
नई दिल्ली। इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 का शुभारंभ 16 फरवरी 2026 को भारत मंडपम में हुआ। ग्लोबल साउथ में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर आयोजित इस पहले अंतरराष्ट्रीय शिखर सम्मेलन ने भारत को वैश्विक एआई संवाद के केंद्र में स्थापित किया। सम्मेलन का मूल विषय “लोग, प्रगति और ग्रह” रहा, जिसके तहत जिम्मेदार, समावेशी और स्वदेशी एआई विकास पर व्यापक मंथन हुआ।
समिट का प्रमुख आकर्षण सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा स्थापित विशेष पवेलियन रहा, जहां मीडिया, मनोरंजन, गेमिंग और रचनात्मक प्रौद्योगिकियों में एआई आधारित नवाचारों का प्रदर्शन किया गया। ‘वेव्स क्रिएटर्स कॉर्नर’ के माध्यम से स्टार्टअप्स, कंटेंट क्रिएटर्स, नीति-निर्माताओं और निवेशकों के बीच सीधा संवाद संभव हुआ। पैनल चर्चाओं, मास्टरक्लास, लाइव डेमो और स्टार्टअप शोकेस ने इसे एक सजीव और संवादात्मक मंच बना दिया। पवेलियन में एवीजीसी-एक्सआर और मीडिया टेक क्षेत्र के 51 स्टार्टअप्स ने भागीदारी की। इन स्टार्टअप्स ने एआई-सहायता प्राप्त फिल्म निर्माण, वर्चुअल प्रोडक्शन, ऑटोमेटेड एडिटिंग, बहुभाषी डबिंग, वॉयस सिंथेसिस, एआई अवतार, डिजिटल स्टोरीटेलिंग और इमर्सिव अनुभव जैसे समाधान प्रस्तुत किए। यह भागीदारी भारत के एआई स्टार्टअप इकोसिस्टम की परिपक्वता और बाजार-तैयार उत्पादों की क्षमता को दर्शाती है।
सम्मेलन में रचनात्मक अर्थव्यवस्था को आर्थिक विकास और रोजगार सृजन का प्रमुख इंजन बताया गया। केंद्रीय बजट 2026-27 में एवीजीसी सेक्टर पर विशेष जोर, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजीज के माध्यम से शैक्षणिक संस्थानों में क्रिएटर लैब्स की स्थापना और 2030 तक लाखों पेशेवरों की संभावित मांग जैसे संकेत बताते हैं कि भारत एआई आधारित रचनात्मक उद्योगों में वैश्विक नेतृत्व की ओर अग्रसर है।
मंत्रालय और Adobe की साझेदारी ने एआई-सक्षम क्रिएटिव वर्कफ्लो और मौलिक बौद्धिक संपदा निर्माण को नई दिशा दी। एआई शॉर्ट फिल्मों के प्रदर्शन और “फिल्म का भविष्य: एआई, रचनात्मकता और शिल्प” विषयक सत्र ने तकनीक और सृजन के संगम को रेखांकित किया। प्रख्यात फिल्म निर्देशक शेखर कपूर की मास्टरक्लास ने एआई आधारित कहानी कहने के नए आयाम प्रस्तुत किए। कुल मिलाकर, यह समिट भारत के एआई विजन को ठोस और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी परिणामों में बदलने की दिशा में एक निर्णायक कदम सिद्ध हुआ।