वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सौर ऊर्जा के क्षेत्र में नई पहचान बना रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना प्रदेश में तेजी से विस्तार पा रही है और लाखों परिवारों को ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ा रही है। यह योजना न केवल बिजली बिलों में राहत दे रही है, बल्कि आम नागरिकों को ऊर्जा उत्पादक बनाकर आर्थिक रूप से भी सशक्त कर रही है।
प्रदेश सरकार की सक्रिय पहल और प्रभावी क्रियान्वयन के चलते उत्तर प्रदेश रूफटॉप सोलर ऊर्जा अपनाने वाले अग्रणी राज्यों में शामिल हो गया है। योजना के तहत लोग अपने घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाकर बिजली उत्पादन कर रहे हैं और हर महीने 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली का लाभ प्राप्त कर रहे हैं। केंद्र सरकार द्वारा 3 किलोवाट तक के सोलर सिस्टम पर 78 हजार रुपये तक की सब्सिडी दी जा रही है, जबकि प्रदेश सरकार के अतिरिक्त सहयोग से यह सहायता 1.08 लाख रुपये तक पहुंच रही है।
लखनऊ, वाराणसी, कानपुर, प्रयागराज, आगरा और बरेली सहित अनेक शहरों में बड़ी संख्या में घरों पर सोलर पैनल लगाए जा चुके हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में भी योजना के प्रति उत्साह बढ़ा है और लोग बिजली बिल की चिंता से राहत पाकर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं।
सौर ऊर्जा पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इससे कोयला आधारित बिजली उत्पादन पर निर्भरता कम हो रही है और कार्बन उत्सर्जन में कमी आ रही है। साथ ही सोलर पैनल निर्माण, स्थापना और रखरखाव के क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर भी सृजित हो रहे हैं।
प्रदेश सरकार का मानना है कि सूर्य घर योजना केवल बिजली उत्पादन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश और विकसित भारत के निर्माण का सशक्त अभियान है।